प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव : मध्यप्रदेश की विकास यात्रा और भावी परियोजनाओं पर हुई चर्चा

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति, नवाचारों और आगामी विकास लक्ष्यों का ब्यौरा साझा किया।
गाडरवारा सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन का विस्तार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नरसिंहपुर जिले में स्थित गाडरवारा सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के दूसरे चरण (Stage II) के भूमि-पूजन के लिए आमंत्रित किया।
परियोजना: 1600 मेगावाट क्षमता का विस्तार (2×800 MW)।
लागत: ₹20,446 करोड़।
तकनीक: यह प्रोजेक्ट ‘अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल’ तकनीक पर आधारित है, जिसमें एयर कूल्ड कंडेंसर का उपयोग होगा। इससे पानी की खपत पारंपरिक संयंत्रों के मुकाबले एक-तिहाई कम हो जाएगी।
लक्ष्य: इसे वर्ष 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।
2026: कृषक कल्याण वर्ष
डॉ. यादव ने बताया कि ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ की सफलता के बाद, मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” के संकल्प को पूरा करना है।
रणनीति: जनवरी से नवंबर 2026 तक 16 विभागों के समन्वय से विभिन्न गतिविधियाँ संचालित होंगी।
प्रमुख लक्ष्य: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, कृषि आधारित उद्योगों के लिए सब्सिडी, फूड पार्क की स्थापना और अगले 3 वर्षों में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाना।
निवेश और विकास: अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” की सफलता की जानकारी दी। इस समिट में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया गया, जिससे प्रदेश के औद्योगिक ढांचे को नई मजबूती मिली है।
दुग्ध उत्पादन में ‘साँची’ की नई उड़ान
नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और साँची के बीच हुए अनुबंध के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं:
दुग्ध खरीद मूल्यों में ₹2.50 से ₹8.50 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
प्रतिदिन दुग्ध संकलन 12 लाख किलोग्राम तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष से 25% अधिक है।
भावी लक्ष्य: प्रतिदिन 50 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन और 26,000 गाँवों को डेयरी समितियों से जोड़ना।
नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश ने ‘नक्सल मुक्त राज्य’ का दर्जा प्राप्त कर लिया है।
मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन में अब कोई सक्रिय सशस्त्र नक्सली नहीं बचा है।
वर्ष 2025 में ₹1.46 करोड़ के इनामी 10 नक्सलियों को ढेर किया गया और 13 ने आत्मसमर्पण किया।
पुनर्वास: प्रभावित क्षेत्रों के लिए ‘माइक्रो डेवलपमेंट प्लान’ तैयार किया गया है और युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए बालाघाट में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
















