ईरान संकट : सुरक्षित वतन लौटे भारतीय, बोले- ‘संकट के समय भारत सरकार ने दिया साथ’

नई दिल्ली (एजेंसी)। ईरान में जारी अशांति और बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार को सुरक्षित दिल्ली लौट आए हैं। वतन वापसी पर इन नागरिकों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली और संकट की इस घड़ी में त्वरित सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
ईरान के हालात: प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरे नागरिकों ने ईरान के मौजूदा हालातों पर चिंता जताई। यात्रियों ने बताया कि वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण थी:
संपर्क की समस्या: कई यात्रियों ने बताया कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप्प थीं, जिसके कारण वे कई दिनों तक अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पाए।
सड़कों पर तनाव: एक नागरिक के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के कारण सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई थी। प्रदर्शनकारी अक्सर वाहनों का रास्ता रोक लेते थे, जिससे असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।
दूतावास की भूमिका: स्वदेश लौटे एक यात्री ने कहा, “ईरान में हालात बहुत खराब थे, लेकिन भारतीय दूतावास ने हमें समय पर जानकारी दी और सुरक्षित निकलने में मदद की। मोदी है तो मुमकिन है।”
परिजनों ने जताई खुशी
अपने प्रियजनों का इंतजार कर रहे परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। तेहरान से लौटी एक महिला के परिजन ने कहा कि वहां युद्ध जैसी स्थिति महसूस हो रही थी। उन्होंने बताया, “हमें तीन-चार दिनों तक कोई खबर नहीं मिली जिससे हम बहुत डरे हुए थे। हम भारत सरकार के आभारी हैं जिन्होंने इस कठिन समय में उनकी वापसी सुनिश्चित की।”
विदेश मंत्रालय की एडवायजरी
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को मौजूदा परिवहन संसाधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। इसके साथ ही:
भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक ईरान की यात्रा न करने की सख्त चेतावनी दी गई है।
वहां रह रहे भारतीयों को किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या सभाओं से दूर रहने और अत्यधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है।
ईरान में अशांति का मुख्य कारण
ईरान में प्रदर्शनों का सिलसिला दिसंबर के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुआ था, जो अब देश के अन्य हिस्सों में फैल चुका है। इस असंतोष के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
आर्थिक संकट: ईरानी मुद्रा ‘रियाल’ की कीमत में रिकॉर्ड गिरावट।
बुनियादी समस्याएं: देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और बिजली की भारी कटौती।
प्राकृतिक आपदा: ईरान वर्तमान में अभूतपूर्व जल संकट का भी सामना कर रहा है।
















