डिंडौरी की ‘सुगढ़ टूरी’ मुहिम ने बनाया विश्व रिकॉर्ड : एक दिन में 48 हजार महिलाओं की हुई एनीमिया जांच

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश का डिंडौरी जिला आज एक बड़े बदलाव का गवाह बना। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत जिले में “सुगढ़ टूरी – आज स्वस्थ, कल सशक्त” नामक एक अनूठी पहल की गई। इस अभियान के तहत मात्र 24 घंटे के भीतर 48,000 से अधिक किशोरियों और महिलाओं के हीमोग्लोबिन (Hb) की जांच की गई। प्रशासन का अनुमान है कि नेटवर्क से बाहर के क्षेत्रों का डेटा जुड़ने के बाद यह संख्या 50,000 के पार पहुंच जाएगी।
सफलता के पीछे सामूहिक प्रयास
यह ऐतिहासिक उपलब्धि किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि प्रशासनिक समन्वय की जीत है। जिले के 620 स्कूलों और 9 कॉलेजों में आयोजित इस मेगा कैंप में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और जनजातीय कार्य विभाग ने मिलकर काम किया।
अभियान के मुख्य उद्देश्य:
महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) की पहचान करना।
पोषण स्तर में सुधार के लिए जागरूकता फैलाना।
दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति आत्मविश्वास दिलाना।
रिकॉर्ड का आधिकारिक सत्यापन
रयपुरा स्थित कन्या शिक्षा परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि श्री भानु प्रताप सिंह ने इस कीर्तिमान की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत इतनी बड़ी संख्या में एक ही दिन में परीक्षण करना अपने आप में असाधारण है।
“यह रिकॉर्ड सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह हमारी उन बहनों और बेटियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है जो दूरस्थ क्षेत्रों में रहती हैं। एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में यह एक ठोस कदम है।” — श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर डिंडौरी
इस शानदार सफलता पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जिला प्रशासन को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डिंडौरी ने पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल पेश की है कि कैसे सीमित संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद नवाचार के जरिए बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
















