EPFO का बड़ा कदम : अब UPI पिन डालते ही खाते में आएगा PF का पैसा

न्युज डेस्क (एजेंसी)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की तैयारी में है। अप्रैल 2026 से पीएफ (PF) की निकासी प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी और यह उतनी ही सरल होगी जितना कि किसी दुकान पर क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करना।
क्या है नया ‘UPI विड्रॉल’ सिस्टम?
नए प्रस्ताव के तहत, पीएफ खाताधारकों को अब लंबी क्लेम प्रक्रियाओं और हफ़्तों के इंतज़ार से मुक्ति मिल जाएगी। लेबर मिनिस्ट्री और EPFO एक ऐसे एकीकृत सिस्टम पर काम कर रहे हैं जहाँ:
डायरेक्ट ट्रांसफर: सदस्य अपने बैंक खाते से जुड़ी UPI ID का उपयोग करके सीधे पैसे निकाल सकेंगे।
वही पुराना पिन: ट्रांजैक्शन के लिए आपको किसी नए पासवर्ड की ज़रूरत नहीं होगी, आपका मौजूदा UPI पिन ही काम करेगा।
तत्काल लिक्विडिटी: निकासी के लिए योग्य राशि ऐप पर पहले ही दिखाई देगी, जिसे आप एक क्लिक में अपने बैंक अकाउंट में भेज सकेंगे।
बदलाव के पीछे का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य पीएफ को केवल एक ‘रिटायरमेंट फंड’ तक सीमित न रखकर इसे सदस्यों के लिए ज़रूरत के समय ‘लिक्विड फंड’ बनाना है।
तकनीकी अपग्रेड: वर्तमान में सॉफ्टवेयर की तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा रहा है ताकि ट्रांजैक्शन फेल न हों।
सेविंग और सुरक्षा: योजना यह है कि एक निश्चित राशि खाते में अनिवार्य रूप से लॉक रहे (ताकि रिटायरमेंट सुरक्षित रहे), जबकि बाकी अतिरिक्त राशि को आपात स्थिति में UPI के जरिए निकाला जा सके।
निकासी के नियमों में हुए अन्य महत्वपूर्ण सुधार
EPFO ने हाल के महीनों में कई अन्य नियमों को भी आसान बनाया है, जो इस प्रकार हैं:
सुविधा,नया नियम/बदलाव
ऑटो-सेटलमेंट लिमिट,अब 1 लाख की जगह 5 लाख रुपये तक का क्लेम ऑटो-मोड में सेटल होगा।
निकासी की वजहें,”13 जटिल नियमों को हटाकर अब केवल 3 मुख्य श्रेणियों (बीमारी, शिक्षा/शादी, और घर) में बांटा गया है।”
शिक्षा और विवाह,पढ़ाई के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार आंशिक निकासी की अनुमति है।
न्यूनतम सेवा,किसी भी तरह की आंशिक निकासी के लिए अब कम से कम 12 महीने की नौकरी अनिवार्य है।
ब्याज का गणित और सुरक्षा
सिस्टम में फ्लेक्सिबिलिटी लाने के साथ-साथ ईपीएफओ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सदस्यों का नुकसान न हो। नियम के मुताबिक, निकासी के बावजूद खाते में कम से कम 25% बैलेंस बचा रहना चाहिए। इससे सब्सक्राइबर्स को सालाना 8.25% ब्याज और पावर ऑफ कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहेगा।
कुल मिलाकर, अप्रैल 2026 से पीएफ निकालना किसी बैंक ऐप से फंड ट्रांसफर करने जैसा आसान अनुभव होने वाला है, जिससे लगभग 8 करोड़ कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
















