अहमदाबाद विमान दुर्घटना : अमेरिकी सुरक्षा समूह ने बोइंग-787 की तकनीकी खामियों पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले वर्ष 12 जून को अहमदाबाद में हुई दुखद विमान दुर्घटना ने भारतीय विमानन क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। अब इस मामले में एक अमेरिकी सुरक्षा अभियान समूह, फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS), ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। समूह का आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया का बोइंग-787 विमान अपनी सेवा की शुरुआत से ही गंभीर तकनीकी समस्याओं से घिरा हुआ था।
शुरुआत से ही खराब था विमान का रिकॉर्ड?
FAS ने हाल ही में अमेरिकी सीनेट के समक्ष कुछ दस्तावेज पेश किए हैं। इन रिकॉर्ड्स के अनुसार, VT-ANB पंजीकरण वाले इस विमान ने एयर इंडिया में शामिल होने के पहले दिन से ही तकनीकी विफलताओं का सामना करना शुरू कर दिया था। सुरक्षा समूह का कहना है कि दुनिया भर में बोइंग-787 की कमियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
समूह द्वारा चिह्नित मुख्य समस्याएं:
निर्माण और गुणवत्ता: इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग में खामियां।
इलेक्ट्रिकल फॉल्ट: सॉफ्टवेयर में त्रुटियां और सर्किट ब्रेकर का बार-बार ट्रिप होना।
वायरिंग और पावर: शॉर्ट सर्किट, डैमेज वायरिंग और पावर सिस्टम का अत्यधिक गर्म होना (Overheating)।
पायलटों पर दोष मढ़ने का आरोप
FAS ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। जांच रिपोर्ट में इस हादसे के लिए ‘पायलट की गलती’ (विशेषकर फ्यूल कंट्रोल स्विच के संचालन में) को जिम्मेदार बताया गया था।
FAS का तर्क है कि यह 737 मैक्स हादसों जैसा ही एक पैटर्न है, जहाँ तकनीकी खराबी को छिपाने के लिए सारा दोष पायलटों के सिर मढ़ दिया जाता है।
संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर बोइंग ने स्पष्ट किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आधिकारिक जांच एजेंसी (AAIB) के निष्कर्षों पर भरोसा करेंगे। दूसरी ओर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयर इंडिया ने फिलहाल इस संवेदनशील विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
















