पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई : गणतंत्र दिवस पर दहलाने की साजिश फेल, बब्बर खालसा के 5 आतंकी काबू

चंडीगढ़ (एजेंसी)। गणतंत्र दिवस के पावन पर्व से ठीक पहले पंजाब पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए राज्य को किसी बड़ी अनहोनी से बचा लिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी बरामद किए हैं।
होशियारपुर और जालंधर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
होशियारपुर पुलिस और जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त छापेमारी की। इस कार्रवाई में बब्बर खालसा के चार सदस्यों को दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, इस साजिश के तार सीमा पार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के पुख्ता संकेत मिले हैं।
बरामदगी का विवरण:
RDX: लगभग 2.5 किलोग्राम शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण (IED)।
हथियार: दो अवैध पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नवांशहर के रहने वाले दिलजोत सिंह, हरमन सिंह (हैरी), अजय (मेहरा) और अर्शदीप सिंह (अर्श कंदोला) के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इन आतंकियों का इरादा गणतंत्र दिवस समारोहों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना था।
अमृतसर में एक अन्य आतंकी गिरफ्तार
एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में, स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) अमृतसर ने भी बब्बर खालसा के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। तरनतारन निवासी शरनप्रीत सिंह के पास से एक हैंड ग्रेनेड और अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद हुई है। जांच में सामने आया है कि वह किसी महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठान पर हमला करने की फिराक में था।
पाकिस्तान से तस्करी कर लाए गए थे हथियार
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ये हथियार और विस्फोटक सरहद पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों के जरिए फिरोजपुर और अमृतसर ग्रामीण क्षेत्रों के रास्ते भारत लाए गए थे। विदेशों में बैठे आतंकी आकाओं ने स्थानीय मॉड्यूल को सक्रिय कर यह खेप उन तक पहुंचाई थी।
पुलिस की मुस्तैदी: पुलिस ने बताया कि इन संदिग्धों पर पिछले कई दिनों से गुप्त नजर रखी जा रही थी। जैसे ही इनके पास हथियारों की डिलीवरी हुई, पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि राज्य में इनके और कितने मददगार छिपे हुए हैं।
















