मध्यप्रदेश

लोकभवन में गणतंत्र दिवस का भव्य समारोह : राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने साझा कीं शुभकामनाएं

भोपाल (एजेंसी)। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को राजधानी भोपाल स्थित लोकभवन में एक गरिमामयी स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस उत्सव में मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ से आत्मीय स्वागत किया और दोनों दिग्गजों ने प्रदेशवासियों व उपस्थित अतिथियों को राष्ट्रीय पर्व की बधाई दी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीवंत हुआ स्वाधीनता संग्राम

समारोह का मुख्य आकर्षण पद्मश्री मालिनी अवस्थी की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। उन्होंने अपनी सुरीली लोकधुनों के माध्यम से देश के स्वतंत्रता संघर्ष की यादों को ताजा कर दिया:

बटोहिया: सूरीनाम के कवि रघुवीर प्रसाद की इस प्रसिद्ध रचना से कार्यक्रम का आरंभ हुआ, जिसमें मातृभूमि के गौरव का गुणगान किया गया।

क्रांतिकारी कजरी: ‘कितने वीर झूले झुलाए…’ जैसे गीतों के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उस समय के जन-आक्रोश को दर्शाया गया।

नारी शक्ति का प्रदर्शन: मथुरा की ‘रसिया’ शैली में ‘जंग में पकड़ लूंगी तलवार’ गीत ने भारतीय महिलाओं के साहस और स्वाभिमान को स्वर दिया।

लोक गाथाएं: अवध की ‘आल्हा’ शैली में मंगल पांडे का शौर्य और काशी व गोरखपुर के लोकगीतों के जरिए ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध मुखर आवाज उठाई गई।

राष्ट्रप्रेम का संगम: ‘वंदेमातरम्’ के मंत्र और बहादुर शाह ज़फर की पंक्तियों के साथ फाग शैली में दी गई प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस समारोह में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए:

मंत्रिमंडल व जनप्रतिनिधि: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय और विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल।

प्रशासनिक नेतृत्व: मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना।

गणमान्य नागरिक: पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विभूतियाँ, न्यायाधीश, विभिन्न धर्मगुरु, शिक्षाविद, चिकित्सक, वरिष्ठ पत्रकार और मेधावी छात्र-छात्राएं।

इस कार्यक्रम ने न केवल गणतंत्र की सफलता का उत्सव मनाया, बल्कि लोक कलाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से भी जोड़ा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button