भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों का नया अध्याय : FTA पर बनी सहमति

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने अपने बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा मंगलवार को होने वाली भारत-यूरोपीय संघ शिखर वार्ता के दौरान की जाएगी। यह समझौता दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
समझौते की मुख्य विशेषताएं और कार्यान्वयन
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस विकासक्रम की पुष्टि करते हुए इसे एक संतुलित और दूरदर्शी समझौता बताया। उन्होंने साझा किया कि वर्तमान में समझौते के कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक औपचारिक हस्ताक्षर प्रक्रिया को पूरा करना है, जिससे यह समझौता 2027 की शुरुआत तक प्रभावी रूप से लागू हो सके।
इस व्यापक सौदे में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
आर्थिक एकीकरण: दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार और निवेश के प्रवाह को गति मिलेगी।
प्रवासन: लोगों और पेशेवरों की सुगम आवाजाही के लिए नए नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
रक्षा सहयोग: व्यापार के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक रक्षा समझौते पर भी मुहर लगेगी।
भू-राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक नेतृत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का स्वागत करेंगे। वैश्विक स्तर पर बदलती व्यापारिक नीतियों और अस्थिरता के बीच यह साझेदारी भारत और यूरोपीय संघ को एक मजबूत वैश्विक इकाई के रूप में स्थापित करेगी।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने भारत की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि एक समृद्ध भारत वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक है। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय सैन्य टुकड़ी की भागीदारी को रक्षा क्षेत्र में बढ़ते भरोसे का प्रतीक बताया।
ऐतिहासिक क्षण की गवाही
यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान इस समझौते के संपन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर अतिथि के रूप में शामिल होना गर्व की बात है और व्यापारिक गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था।
















