संविदा कर्मचारियों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने का श्रेय उनके अथक परिश्रम को जाता है। टीटी नगर दशहरा मैदान में आयोजित ‘संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री ने इन कर्मियों को सरकार का ‘आत्मबल’ बताया।
प्रमुख घोषणाएं और नीतिगत निर्णय
मुख्यमंत्री ने संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है:
नियमितीकरण की दिशा में कदम: 10 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले संविदाकर्मियों को रिक्त पदों पर समायोजित करने की प्रक्रिया, जो वर्तमान में 50% पदों पर चल रही है, उसे और विस्तार दिया जाएगा।
संविदा नीति-2023 का पूर्ण क्रियान्वयन: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित सभी परियोजनाओं और निगम मंडलों में इस नीति की सभी धाराओं को कड़ाई से लागू किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा और लाभ: संविदा कर्मियों को एनपीएस (NPS), ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे लाभ सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।
विसंगतियों का समाधान: वेतन और पद की समकक्षता से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसमें संविदा प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
विशेष योजनाओं में सुधार: ‘आत्मा’ योजना, ई-गवर्नेंस सोसायटी और विकलांग पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत कर्मियों के लिए भी समकक्षता का निर्धारण जल्द किया जाएगा।
प्रशासन के ‘हनुमान’ हैं संविदाकर्मी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविदा कर्मियों की तुलना ‘हनुमान जी’ से करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने निस्वार्थ सेवा की, ठीक उसी तरह हमारे संविदा भाई-बहन शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी सेवाओं में व्यवस्था के मजबूत स्तंभ बने हुए हैं। उन्होंने कहा:
“संविदाकर्मी केवल एक अनुबंध से जुड़े कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे शासन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने वाले विराट सारथी हैं। सरकार नियम और न्याय के दायरे में रहते हुए उनकी हर कठिनाई का संवेदनशील समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।”
सम्मेलन की मुख्य बातें
भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश भर के 34 विभागों के हजारों कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनके कर्मचारी-हितैषी दृष्टिकोण की सराहना की।
















