बजट 2026-27 : भारतीय बुनियादी ढांचे का कायाकल्प, 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। इस बजट में मुख्य रूप से देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने रेलवे, जलमार्ग और विमानन क्षेत्रों के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं, जो न केवल सफर को आसान बनाएंगी बल्कि व्यापारिक लागत (Logistics cost) को भी कम करेंगी।
रेलवे और कनेक्टिविटी: बुलेट रफ्तार से दौड़ेगा भारत
बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणा रेलवे क्षेत्र से आई है। सरकार ने देश के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक शहरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। ये कॉरिडोर निम्नलिखित होंगे:
मुंबई से पुणे
पुणे से हैदराबाद
हैदराबाद से बेंगलुरु और चेन्नई
चेन्नई से बेंगलुरु
दिल्ली से वाराणसी
वाराणसी से सिलीगुड़ी
जलमार्ग और समुद्री क्षेत्र: नए विकल्प, नई संभावनाएं
कनेक्टिविटी को जलमार्गों तक विस्तार देते हुए वित्त मंत्री ने अगले 5 वर्षों में 20 नए नेशनल वॉटरवे शुरू करने का वादा किया है।
नेशनल वॉटरवे-5 (ओडिशा): इसकी शुरुआत ओडिशा से होगी, जो तालचेर जैसे खनिज क्षेत्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा।
शिप रिपेयर हब: वाराणसी और पटना में जहाजों की मरम्मत और रखरखाव के लिए आधुनिक केंद्र बनाए जाएंगे।
सी-प्लेन: समुद्री विमानों को बढ़ावा देने के लिए ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ (VGF) योजना की शुरुआत की जाएगी।
MSME और टेक्सटाइल: आर्थिक मजबूती पर जोर
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को राहत देते हुए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड का ऐलान किया है। इसके साथ ही टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है, जिससे भारी मात्रा में रोजगार सृजन और निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है।
सुरक्षा और कौशल विकास
सरकार बुनियादी ढांचे के जोखिमों को कम करने के लिए ‘इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड’ बनाएगी। साथ ही, तटीय माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए ‘कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम’ लॉन्च की जाएगी। जलमार्ग क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
















