वन संरक्षण की नई राह : गिर नेशनल पार्क की व्यवस्थाओं से प्रेरणा लेगा मध्यप्रदेश

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में गुजरात के प्रसिद्ध गिर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां के प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण और पर्यटकों के लिए की गई व्यवस्थित सुविधाओं की जमकर प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने गिर के मॉडल को एक मिसाल बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भी वन संपदा और पर्यटन के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुजरात में सीखे गए अनुभवों और वहां की कार्यप्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश के जंगलों और पर्यटन केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित करना है।
भ्रमण के दौरान डॉ. यादव के विचार विश्वस्तरीय विकास का लक्ष्य: गिर की तर्ज पर मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों को अधिक आकर्षक और समृद्ध बनाया जाएगा।
टाइगर स्टेट की मजबूती: मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग की टीम और संसाधनों में लगातार वृद्धि की जा रही है।
प्रधानमंत्री का विजन: डॉ. यादव ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मुख्यमंत्री काल के दौरान गिर में शुरू हुए विकास कार्यों ने आज एक ऊंचा मुकाम हासिल किया है।
सीख और कार्यान्वयन: गुजरात के इस सफल मॉडल से दिशा निर्देश लेकर मध्यप्रदेश अपने वन प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाएगा।
मुख्यमंत्री के इस दौरे से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश अपने ईको-टूरिज्म और वन्यजीव संरक्षण की नीतियों में कुछ महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव कर सकता है।
















