एनसीसी कैडेट्स के सम्मान में मुख्यमंत्री डॉ. यादव : “राष्ट्र निर्माण के असली नायक हैं हमारे युवा”

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और अटूट देशभक्ति के विकास को आज की मुख्य आवश्यकता बताया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री बैनर’ समारोह के दौरान उन्होंने एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) और एनएसएस के कैडेट्स को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय की टुकड़ी को गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) में देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी।
मुख्य बिंदु: एनसीसी और लोकतंत्र की मजबूती
अनुशासन का आधार: मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने का एक सशक्त जरिया है।
बेटियों का गौरव: डॉ. यादव ने विशेष रूप से गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाली प्रदेश की 23 बेटियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेनाओं में महिलाओं को मिल रहा स्थायी कमीशन और आरक्षण नारी सशक्तिकरण की नई मिसाल है।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस शिविर में एमपी-सीजी निदेशालय ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ तीसरा स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने जबलपुर ग्रुप मुख्यालय को ‘इंटर ग्रुप सीएम बैनर’ सौंपा।
पुरस्कार और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने मेधावी कैडेट्स को उनकी मेहनत का फल देते हुए नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया: | श्रेणी | पुरस्कार राशि | | :— | :— | | प्रथम पुरस्कार | ₹ 1,00,000 | | द्वितीय पुरस्कार | ₹ 75,000 | | तृतीय पुरस्कार | ₹ 50,000 |
भविष्य का लक्ष्य: युवाओं की बढ़ती भागीदारी
समारोह के दौरान अधिकारियों ने एनसीसी और एनएसएस के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:
संख्या में वृद्धि: प्रदेश में एनसीसी कैडेट्स की संख्या को वर्तमान 77 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
बुनियादी ढांचा: भोपाल, जबलपुर और सागर में एनसीसी के नए कैंपों के लिए भूमि आवंटित कर दी गई है।
एनएसएस का योगदान: राज्य में वर्तमान में 1.56 लाख एनएसएस स्वयंसेवक हैं, जिन्होंने 1200 से अधिक गाँवों को गोद लेकर समाज सेवा का बीड़ा उठाया है।
“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की तरह मैं भी अपने छात्र जीवन में एनसीसी और एनएसएस की वर्दी पहन चुका हूँ। वर्दी की वह सीख और अनुशासन आज भी राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा देती है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
कार्यक्रम का समापन कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और मुख्यमंत्री के शुभकामना संदेश के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
















