मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी शहडोल को 747 करोड़ की सौगात : सीतामढ़ी बनेगा धार्मिक पर्यटन का केंद्र

शहडोल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माता शबरी की जयंती के पावन अवसर पर शहडोल जिले के ब्यौहारी स्थित सीतामढ़ी धाम में आयोजित ‘जनजातीय हितग्राही सम्मेलन’ में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने वनवासी समाज की आराध्य देवी माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया और क्षेत्र के विकास के लिए 747.91 करोड़ रुपये की लागत वाली 139 परियोजनाओं का उपहार दिया।
भक्ति का प्रतीक हैं माता शबरी
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि माता शबरी का जीवन अटूट विश्वास और निस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा:
“भगवान श्रीराम ने शबरी मैया के जूठे बेर खाकर यह सिद्ध किया था कि वे जाति या कुल के नहीं, बल्कि केवल भक्त के सच्चे भाव के भूखे होते हैं। माता शबरी ने अपने पवित्र चरित्र से पूरे जनजातीय समाज का गौरव बढ़ाया है।”
राम वन गमन पथ और सीतामढ़ी का कायाकल्प
सरकार प्रदेश में भगवान राम के वनवास काल के स्मृति स्थलों को सहेजने के लिए 1450 किलोमीटर लंबा राम वन गमन पथ तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि:
सीतामढ़ी धाम को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्राम गंधिया, जहाँ प्रभु राम ने 11 रातें बिताई थीं, उसे भी इस विकास योजना में शामिल किया गया है।
संजय डूबरी टाइगर रिजर्व का एक प्रवेश द्वार ब्यौहारी की ओर से खोला जाएगा ताकि वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
विकास की बड़ी घोषणाएं और सौगातें
क्षेत्र की प्रगति को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण ऐलान किए:
क्षेत्र, प्रमुख घोषणा/कार्य
स्वास्थ्य,ब्यौहारी में 30 बिस्तरों वाले नए अस्पताल का निर्माण।
अर्थव्यवस्था,महुआ और कटहल के उत्पादों को बाजार दिलाने हेतु औद्योगिक विकास केंद्र की स्थापना।
प्रशासन,आमाडीह उप-तहसील को परीक्षण के उपरांत पूर्ण तहसील का दर्जा।
बुनियादी ढांचा,जयसिंहनगर में बायपास का निर्माण और 747.91 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमि पूजन।
जनजातीय कल्याण प्राथमिकता
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि ‘पीएम जन-मन’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से आदिवासी अंचलों का समग्र विकास किया जा रहा है। सरकार ने अब जनजातीय नायकों की वीरगाथाओं को स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जान सके।
इस कार्यक्रम में स्थानीय सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों सहित भारी संख्या में जनजातीय समाज के नागरिक उपस्थित रहे।
















