आसनसोल-बोकारो मेमू ट्रेन का आगाज़ : औद्योगिक गलियारे को मिली नई ‘लाइफलाइन’

नई दिल्ली (एजेंसी)। पूर्वी भारत के औद्योगिक क्षेत्र के लिए पिछला रविवार एक नई सुबह लेकर आया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहुप्रतीक्षित आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू (MEMU) ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस डिजिटल उद्घाटन समारोह में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी सम्मिलित हुए।
यह नई रेल सेवा केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि उन हजारों दैनिक यात्रियों, छात्रों और व्यापारियों के लिए एक बड़ा सहारा है, जो लंबे समय से सुलभ परिवहन का इंतज़ार कर रहे थे।
स्टील कॉरिडोर: विकास की नई पटरी
यह मेमू सेवा पश्चिम बंगाल के बर्धमान और पुरुलिया जिलों को झारखंड के बोकारो स्टील सिटी से सीधे जोड़ती है। इसके शुरू होने से क्षेत्र में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
श्रमिकों के लिए सुगमता: आसनसोल और बोकारो दोनों ही शहरों में सेल (SAIL) की बड़ी इकाइयां हैं। इस ट्रेन से तकनीकी कर्मचारियों और मजदूरों को अब एक कारखाने से दूसरे कारखाने या अपने घर तक आने-जाने में आसानी होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: ट्रेन के छोटे स्टेशनों पर ठहराव से पुरुलिया के ग्रामीण इलाकों के किसान और छोटे व्यापारी अपने उत्पादों को बड़े शहरों के बाजारों तक कम लागत में पहुँचा सकेंगे।
छात्रों को राहत: अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में महंगे कमरों या हॉस्टल में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे कम खर्च में रोजाना घर से कॉलेज और कोचिंग संस्थान जा सकेंगे।
सस्ता सफर: रेलवे के मासिक सीजन टिकट (MST) की सुविधा से दिहाड़ी मजदूरों के लिए यात्रा का खर्च काफी कम हो जाएगा।
सड़क बनाम रेल: क्यों बेहतर है यह सेवा?
पुरानी परिवहन व्यवस्था की तुलना में यह मेमू सेवा क्षेत्र की गतिशीलता को पूरी तरह बदल देगी।
विशेषता,सड़क मार्ग (बस/निजी वाहन),नई मेमू सेवा
लागत, महंगी और ईंधन पर निर्भर, किफायती (मासिक पास उपलब्ध)
समय,जाम और खराब रास्तों के कारण अनिश्चित,समयबद्ध और तेज रफ्तार
मौसम,मानसून में आवाजाही प्रभावित,हर मौसम में सुरक्षित और निरंतर
पहुँच,मुख्य सड़कों तक सीमित,छोटे ग्रामीण स्टेशनों तक कनेक्टिविटी
क्षेत्रीय जीवन पर सकारात्मक असर
परिवहन के इस नए साधन से केवल यात्रा ही आसान नहीं होगी, बल्कि बीच के स्टेशनों पर आर्थिक गतिविधियों में भी सुधार आएगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर छोटे रोजगार पनपेंगे। कुल मिलाकर, यह ‘स्टील सिटी मेमू’ पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास को एक नई गति देने और लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
















