भारत-अमेरिका व्यापार संबंध : ऊर्जा और आयात नीतियों में बड़ा बदलाव

वॉशिंगटन (एजेंसी)। वॉशिंगटन में हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर ने भारत और अमेरिका के बीच विकसित होते व्यापारिक रिश्तों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि भारत अब रणनीतिक रूप से रूस पर अपनी ऊर्जा निर्भरता को कम कर रहा है और अमेरिका के साथ व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा है।
रूसी तेल से दूरी और नई रणनीति
यूक्रेन संघर्ष के बाद, भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया था। हालांकि, जैमीसन ग्रीर का कहना है कि अब भारत ने धीरे-धीरे रूस से ऊर्जा खरीद को कम करना शुरू कर दिया है।
पुराना परिदृश्य: युद्ध से पहले भारत की रूस पर निर्भरता कम थी, लेकिन सस्ते दामों के कारण इसमें अचानक उछाल आया था।
नया रुख: भारत अब अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका और अन्य विश्वसनीय वैश्विक साझेदारों की ओर देख रहा है।
अमेरिकी सहयोग: भारत की इस प्रतिबद्धता को देखते हुए, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटाने का निर्णय लिया है।
व्यापार समझौते के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई चर्चा के बाद एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
क्षेत्र, भारत का कदम, अमेरिका का कदम
टैक्स और टैरिफ,डिजिटल सेवा कर में कटौती और कृषि/औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क कम करना।,भारतीय आयात पर अतिरिक्त टैरिफ हटाना।
आयात योजना,अगले 5 वर्षों में $500 अरब की अमेरिकी खरीदारी का लक्ष्य।,उन्नत तकनीक और विमानों की आपूर्ति।
प्रमुख उत्पाद,”अमेरिका से तेल, गैस, कोकिंग कोल और तकनीक की खरीद बढ़ाना।”,आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में सहयोग।
चीन के विकल्प के रूप में भारत की भूमिका
ग्रीर ने भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी (Way-Station) बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि चीन से बाहर निकलने वाली अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत एक सशक्त विकल्प है। भारत के पास विशाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और कार्यबल है, जो इसे वैश्विक व्यापार के लिए एक आकर्षक केंद्र बनाता है।
निष्कर्ष: यह समझौता न केवल दोनों देशों के आर्थिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि भविष्य में भारत और अमेरिका के बीच एक गहरी सामरिक और व्यापारिक पटरी भी बिछाएगा।
















