मध्यप्रदेश में कृषि क्रांति : विदिशा को मिली 163 करोड़ की सौगात, हर खेत तक पहुँचेगा पानी

शमशाबाद (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को विदिशा जिले के शमशाबाद में आयोजित ‘कृषक हितग्राही सम्मेलन’ के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए 163 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उपहार दिया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य संकल्प हर किसान के खेत तक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना है।
सिंचाई और कृषि विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में सिंचाई का रकबा पिछले दो वर्षों में 10 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की 55 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है, जिसे भविष्य में 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है।
नदी जोड़ो परियोजना: केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी परियोजनाओं से प्रदेश के जल प्रबंधन को नई दिशा मिल रही है।
बिजली आपूर्ति: मध्यप्रदेश अब एक बिजली सरप्लस राज्य है। किसानों को अब दिन के समय भी सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली दी जाएगी।
फसल प्रोत्साहन: सरकार गेहूँ पर बोनस सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी कर रही है, जिसे 2028 तक 2700 रुपये करने का लक्ष्य है। सरसों और उड़द की फसलों पर भी विशेष बोनस और भावांतर राशि का लाभ दिया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण और नवाचार
इस कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के लिए ‘नव्या’ कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
नव्या प्रोजेक्ट: विदिशा प्रदेश का एकमात्र जिला है जिसे इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इसके तहत 10वीं पास महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा।
लाड़ली बहना योजना: मुख्यमंत्री ने दोहराया कि लाड़ली बहनों को मिलने वाली 1500 रुपये की राशि में भविष्य में और वृद्धि की जाएगी।
तकनीक और सुरक्षा: प्रदेश की पहली फिंगर प्रिंट लैब
सुरक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए विदिशा में प्रदेश की पहली जिला स्तरीय फिंगर प्रिंट लैब का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ‘राहवीर विदिशा’ ऐप विकसित करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया और उत्कृष्ट कार्य के लिए विदिशा पुलिस को मिले ISO सर्टिफिकेशन की सराहना की गई।
पशुपालन और सांस्कृतिक संरक्षण
गौ-वंश संरक्षण: शमशाबाद में एक ‘आदर्श गौशाला’ का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार ने सरकारी गौशालाओं के लिए अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय कर दिया है।
अंबेडकर कामधेनु योजना: 25 गाय पालने वाले पशुपालकों को 10 लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
नाम परिवर्तन: मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि जनभावनाओं के अनुरूप भविष्य में शमशाबाद का नाम ‘सूर्यनगर’ करने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
प्रमुख घोषणाएं एक नज़र में
क्षेत्र,घोषणा/कार्य
नगर परिषद,शमशाबाद विकास कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत।
विद्युत,क्षेत्र में नए विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण।
शिक्षा,विदिशा महाविद्यालय का 15 करोड़ से उन्नयन और सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण।
सड़क,जिले को 116 करोड़ रुपये की नई सड़कों की सौगात।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व शमशाबाद में एक विशाल रोड-शो भी किया, जहाँ नागरिकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
















