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बस्तर में माओवाद पर बड़ा प्रहार : 108 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, करोड़ों का था इनाम

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आज नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल होने जा रही है। पुलिस प्रशासन की पुनर्वास नीति ‘पुना नारकोम’ (नई सुबह) से प्रभावित होकर कुल 108 नक्सली मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर चुके हैं। जगदलपुर स्थित रेंज मुख्यालय में दोपहर 2 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में ये सभी कैडर औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे।

समर्पण की मुख्य बातें:

इनामी राशि: आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर सामूहिक रूप से 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

कैडर का स्तर: इस समूह में 6 डीवीसी (डिवीजनल कमेटी सदस्य), 3 सीवायपीसीएम, 18 पीपीसीएम, 23 एसीएम और 56 सक्रिय पार्टी सदस्य शामिल हैं।

हथियारों की बरामदगी: खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री और डंप बरामद किया है, जिसे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित भी किया जाएगा।

कांकेर जिले में बढ़ता दबाव

इस सामूहिक समर्पण में कांकेर जिले के तीन महत्वपूर्ण नक्सली भी शामिल हैं। इनमें दो डीवीसीएम रैंक के बड़े नक्सली नेता हैं, जो अपने साथ तीन AK-47 राइफलें भी प्रशासन को सौंपेंगे।

पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस समर्पण के बाद अब कांकेर जिले में केवल 21 सशस्त्र नक्सली ही शेष रह गए हैं। प्रशासन ने 31 मार्च तक जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में अभियान और तेज कर दिए गए हैं।

पुनर्वास से नई शुरुआत

यह बड़ी सफलता पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त पहल का परिणाम है, जिसका उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है। आत्मसमर्पण करने वाले इन सदस्यों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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