छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति : ‘SANKALP’ मॉडल से सुधरेगी प्रदेश की सेहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा सहित विभिन्न विभागों की 6976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित कर दी गई हैं। विभागीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देने के लिए ‘SANKALP’ विजन का खाका पेश किया।
क्या है ‘SANKALP’ विजन?
मंत्री जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य की चिकित्सा व्यवस्था इन सात स्तंभों पर टिकी होगी:
S (Strengthened Institutions): संस्थानों का सुदृढ़ीकरण।
A (Academic Excellence): उच्च स्तरीय शैक्षणिक गुणवत्ता।
N (Next Generation Research): भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान।
K (Knowledge & Clinical Competency): बेहतर कौशल और क्लीनिकल दक्षता।
A (Advance Medical Facilities): अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं।
L (Life Saving Infrastructure): जीवन रक्षक बुनियादी ढांचा।
P (Professional & Transparent Governance): पारदर्शी और पेशेवर प्रशासन।
स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी घोषणाएं
कैशलेस इलाज: प्रदेश के समस्त शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना की शुरुआत होगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे का विस्तार: रायपुर में मध्य भारत का सबसे आधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट और इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला (95 करोड़ रुपये) बनाई जाएगी।
क्षेत्रीय विकास: बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, रायपुर में पहला होम्योपैथी कॉलेज और 200 बिस्तरों वाला मातृ-शिशु अस्पताल बनेगा। चिरमिरी, अंबिकापुर और धमतरी में नए जिला अस्पताल भवनों का निर्माण होगा।
आपातकालीन सेवा: राज्य में 300 नई सामान्य एम्बुलेंस, 70 वेंटिलेटर युक्त आधुनिक एम्बुलेंस और 10 शिशु एम्बुलेंस की खरीदी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सस्ता उपचार: 25 नए डायलिसिस केंद्र और 50 अतिरिक्त जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग
चिकित्सा शिक्षा के लिए 2000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है। दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़ और जशपुर सहित 5 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1740 से अधिक पदों का सृजन किया गया है। वहीं, आयुष विभाग के अंतर्गत 544 करोड़ रुपये से आयुर्वेद अस्पतालों और औषधालयों का कायाकल्प किया जाएगा।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यकों के लिए नई योजनाएं
मंत्री जायसवाल ने सामाजिक उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की:
मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मुफ्त शैक्षणिक और आवासीय सुविधा।
CG-ACE योजना: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ जैसी विशेष योजनाएं शुरू होंगी।
छात्रावास निर्माण: बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़ और जशपुर जैसे शहरों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक छात्रावास बनाए जाएंगे।
















