गरियाबंद जिला अस्पताल में डॉक्टरों का कमाल : जटिल सर्जरी के साथ सफल प्रसव, मां और बच्चे को मिला नया जीवन

गरियाबंद। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए दो अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रसव मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया है। स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल बंजारे और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र पात्रे के नेतृत्व में की गई इन सर्जरी के बाद दोनों माताएं और उनके शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं।
केस 1: 12 सेंटीमीटर की गांठ और प्रसव की चुनौती
पहले मामले में, एक महिला अपने तीसरे प्रसव के लिए अस्पताल आई थी। उसकी पिछली दो डिलीवरी में से एक सर्जरी और एक सामान्य हुई थी। इस बार ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि महिला के बाएं अंडाशय (Ovary) में 12×10×8 सेंटीमीटर आकार की एक बड़ी सिस्ट (गांठ) मौजूद है। डॉक्टरों ने सूझबूझ से काम लेते हुए सिस्ट को सुरक्षित रूप से निकाला और साथ ही सफल प्रसव भी कराया।
केस 2: गर्भ में शिशु की ‘आड़ी’ स्थिति
दूसरा मामला और भी दुर्लभ था, जिसमें गर्भ में शिशु आड़ी स्थिति (Transverse Position) में था। यह स्थिति प्रसव के दौरान मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरी होती है। हालांकि, मेडिकल टीम ने अपनी दक्षता से इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया।
सफल टीम और सुविधा
अस्पताल अधीक्षक डॉ. यशवंत कुमार ध्रुव ने जानकारी दी कि:
दोनों ही माताएं अब खतरे से बाहर हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
जिला अस्पताल में अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की मदद से इस तरह के पेचीदा ऑपरेशन निःशुल्क किए जा रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण सफलता में डॉ. हरीश कुमार चौहान के साथ नर्सिंग स्टाफ मनीषा ध्रुव, रजनी जैकब, वामिता कंवर, रेनुका साहू और टीम के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
















