
विदा दिग्गज! चैंपियंस ट्रॉफी विजेता कप्तान सरफराज अहमद ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा
स्पोर्ट न्युज (एजेंसी)। पाकिस्तान क्रिकेट के एक सुनहरे अध्याय का अंत हो गया है। पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज अहमद ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही लगभग 20 साल लंबे उनके शानदार करियर पर विराम लग गया है।
करियर पर एक नज़र: आंकड़ों की जुबानी
सरफराज ने 2007 में भारत के खिलाफ जयपुर वनडे से अपने सफर की शुरुआत की थी। उनके करियर के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
फॉर्मेट,मैच,रन,शतक/अर्धशतक,शिकार (कैच+स्टंपिंग)
टेस्ट,54,3031,4/21,167
वनडे,117,2315,2/11,143
T20I,61,818,0/3,61
कप्तानी और सुनहरे पल: जब भारत को दी शिकस्त
सरफराज पाकिस्तान के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उन्होंने कुल 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम की कमान संभाली। उनके नेतृत्व की दो सबसे बड़ी उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी:
2017 चैंपियंस ट्रॉफी: इंग्लैंड में खेले गए फाइनल में भारत को हराकर पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह 8 साल बाद पाकिस्तान की पहली बड़ी ICC ट्रॉफी थी।
अंडर-19 वर्ल्ड कप (2006): उन्होंने अपनी कप्तानी में जूनियर टीम को भी विश्व विजेता बनाया था। दिलचस्प बात यह है कि उस फाइनल में भी पाकिस्तान ने भारत को ही हराया था।
T20 रैंकिंग: उनकी कप्तानी में पाकिस्तान दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बनी और लगातार 11 सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
भविष्य की नई पारी: क्या बनेंगे कोच?
दिसंबर 2023 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले सरफराज को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक (सितारा-ए-इम्तियाज) से भी नवाजा जा चुका है।
हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट में बड़े बदलावों की सुगबुगाहट है। खेल गलियारों में चर्चा है कि सरफराज जल्द ही पाकिस्तानी टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनकर नई जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
संन्यास पर भावुक होते हुए सरफराज ने कहा:
“पाकिस्तान की जर्सी पहनना मेरे लिए सबसे बड़ा गौरव रहा। 2006 की अंडर-19 जीत से लेकर 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी तक, यह सफर अविस्मरणीय रहा है।”
















