जी7 शिखर सम्मेलन : मार्को रूबियो और एस. जयशंकर के बीच कूटनीतिक चर्चा; ईरान पर अमेरिका सख्त

पेरिस (एजेंसी)। फ्रांस फ्रांस में आयोजित हो रही जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनी हुई है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पेरिस पहुँचे हैं। उनके साथ भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
महत्वपूर्ण मुलाकातें और रणनीतिक चर्चा
राजदूत सर्जियो गोर ने इस यात्रा के दौरान न केवल अमेरिकी विदेश मंत्री का साथ दिया, बल्कि भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी विशेष मुलाकात की। गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए इसे एक सकारात्मक संवाद बताया। उन्होंने लिखा कि प्रमुख सहयोगियों और साझेदारों के साथ हुई यह चर्चा भविष्य के रणनीतिक संबंधों के लिहाज से काफी सुखद रही।
ईरान मुद्दे पर अमेरिका का कड़ा रुख
बैठक के इतर मार्को रूबियो ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मिशन अपनी निर्धारित समय-सीमा से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। रूबियो के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
सैन्य क्षमता का विनाश: अमेरिका का लक्ष्य ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन निर्माण इकाइयों को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
परमाणु खतरे पर अंकुश: इस अभियान का उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चरों को खत्म करना है, ताकि वह परमाणु हथियारों की आड़ में दुनिया को डरा न सके।
समय-सीमा: रूबियो ने भरोसा जताया कि यह सैन्य लक्ष्य महीनों के बजाय आने वाले कुछ हफ्तों में ही हासिल कर लिए जाएंगे।
अमेरिकी प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया है कि ईरान की सैन्य और तकनीकी क्षमताओं को उनके कारखानों में ही समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।
















