छत्तीसगढ़

रायपुर में ‘पंडरिया सेवा सदन’ का आगाज़ : विधायक भावना बोहरा ने पेश की जनसेवा की नई मिसाल

रायपुर। राजनीति में किसी जनप्रतिनिधि की सार्थकता केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण से नहीं, बल्कि आम जनमानस के प्रति उसकी संवेदनशीलता से मापी जाती है। इसी मानवीय दृष्टिकोण को अपनाते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने रायपुर में ‘पंडरिया सेवा सदन’ का लोकार्पण किया है। यह केंद्र उन परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है जो इलाज के सिलसिले में अपने गृहग्राम से दूर राजधानी आते हैं।

क्यों पड़ी इस सेवा सदन की आवश्यकता?

अक्सर देखा गया है कि पंडरिया क्षेत्र के ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रायपुर का रुख करते हैं। अस्पताल के खर्चों के बीच परिजनों के लिए शहर में ठहरना और भोजन की व्यवस्था करना एक बड़ी आर्थिक व मानसिक चुनौती बन जाती है। इसी समस्या को जड़ से मिटाने के लिए ‘भावना दीदी की गारंटी’ के तहत इस सेवा सदन की स्थापना की गई है।

संपर्क सूत्र: सेवा का लाभ लेने के लिए जरूरतमंद इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: 7747892000 एवं 7747992000।

सेवा सदन में उपलब्ध सुविधाएँ

रायपुर के देवेन्द्र नगर (सेक्टर-2) में स्थित यह सदन पूरी तरह निःशुल्क है। यहाँ आने वाले लोगों को निम्नलिखित सुविधाएँ मिलेंगी:

आवास: सुरक्षित और स्वच्छ कमरे एवं आरामदायक बिस्तर।

भोजन: शुद्ध और सात्विक खान-पान की व्यवस्था।

दैनिक जरूरतें: स्वच्छ पेयजल, उचित प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक शौचालय।

विधायक भावना बोहरा ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक भावनात्मक संबल है जो कठिन समय में अपनों के इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने इस सिद्धि का श्रेय पंडरिया की जनता के अटूट विश्वास को दिया।

विकास और सेवा का दोहरा मॉडल

पंडरिया में केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा और अधोसंरचना पर भी व्यापक कार्य हो रहे हैं। भावना बोहरा के नेतृत्व में क्षेत्र में कई अन्य जनहितकारी योजनाएं संचालित हैं:

योजना का नाम,प्रमुख लाभ

शिक्षा बस सेवा,बेटियों की पढ़ाई के लिए 8 निःशुल्क बसें।
हेल्थ पैथ लैब,घर-घर तक पहुँचने वाली मुफ्त मोबाइल लैब सेवा।
लक्ष्य कोचिंग,युवाओं के करियर निर्माण हेतु निःशुल्क मार्गदर्शन।
आपातकालीन सेवा,त्वरित सहायता के लिए 8 एम्बुलेंस का बेड़ा।

इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में लगभग 500 किमी लंबी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है और 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सिंचाई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वनांचल क्षेत्रों में बिजली और पानी पहुँचाना प्राथमिकता बनी हुई है।

‘पंडरिया सेवा सदन’ की शुरुआत यह स्पष्ट करती है कि विकास तभी पूर्ण है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति के दुखों को कम करने की क्षमता रखता हो। भावना बोहरा का यह कदम राजनीति में सेवा भाव की एक अनुकरणीय कड़ी है।

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