केलो विहार के निवासियों का दशकों पुराना सपना सच, मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सौंपे मालिकाना हक के दस्तावेज

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की विशेष पहल पर केलो विहार आवासीय योजना के लंबित मामलों का निपटारा शुरू हो गया है। हाल ही में कलेक्ट्रेट परिसर के ‘सृजन कक्ष’ में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने केलो विहार शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
प्रथम चरण की उपलब्धि: कुल 103 पात्र सदस्यों की पहचान कर प्रक्रिया पूरी की गई।
संवेदनशील पहल: लंबे समय से अटके हुए पट्टा प्रकरणों का त्वरित समाधान।
विभिन्न श्रेणियाँ: 960 से लेकर 2400 वर्गफुट तक के भूखंडों का आवंटन।
प्रशासनिक संवेदनशीलता से मिला अधिकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि केलो विहार का मुद्दा लंबे समय से जटिल बना हुआ था। कई परिवारों ने वर्षों पहले यहाँ अपने आशियाने तो बना लिए थे, लेकिन कानूनी रूप से मालिकाना हक (पट्टा) न मिलने के कारण वे मानसिक रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे थे।
“जब शासन और प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होते हैं, तभी वास्तविक परिवर्तन दिखाई देता है। विशेषकर बुजुर्ग नागरिकों को उनका हक दिलाना हमारे लिए आत्म-संतोष की बात है।”
— श्री ओ.पी. चौधरी, वित्त मंत्री
लाभान्वित हितग्राही और श्रेणियाँ
समारोह में अलग-अलग आकार के भूखंडों के लिए मांग पत्र और पट्टे बांटे गए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
भूखंड श्रेणी,प्रमुख लाभार्थी
2400 वर्गफुट,”डॉ. धनराज प्रसाद साहू, दुलीचंद देवांगन, एस.एच. खोड़यार”
1800 वर्गफुट,भवानी शंकर पटनायक
1500 वर्गफुट,”आई.एस. परिहार, केदारनाथ प्रधान, बासंती सरकार”
1200 वर्गफुट,”खगेश्वर पटेल, मथुरा प्रसाद नामदेव”
960 वर्गफुट,”सूर्यकुमार पांडा, त्रिलोकी नाथ पुजारी, श्रीवत्स पांडा, बालकृष्ण डनसेना”
आगे की कार्ययोजना
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रथम चरण है। 103 पात्र लोगों के चिन्हांकन के बाद, शेष आवेदनों की भी गहन जांच की जा रही है। नियमों के तहत अन्य लंबित प्रकरणों का भी जल्द ही निराकरण किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रहे।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री रवि राही सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
















