छत्तीसगढ़ में लू का अलर्ट : मुख्यमंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ियों के समय में कटौती

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रदेश की सभी आंगनबाड़ियों के संचालन समय में बदलाव करने का आदेश जारी किया है, ताकि मासूम बच्चों को लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।
नया समय और व्यवस्थाएँ
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए निम्नलिखित व्यवस्था लागू रहेगी:
केंद्र का समय: आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक खुलेंगे।
बच्चों की उपस्थिति: बच्चों को केवल सुबह 7:00 से 9:00 बजे तक ही केंद्र में रहना होगा। 9:00 बजे के बाद बच्चों को सुरक्षित घर भेजने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है।
कर्मचारियों की ड्यूटी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सुबह 11:00 बजे तक रुककर अपने प्रशासनिक और अन्य कार्यों को पूरा करेंगी।
पोषण और शिक्षा पर रहेगा जोर
समय में कटौती के बावजूद बच्चों के विकास से समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि:
अनौपचारिक शिक्षा: शाला पूर्व शिक्षा (ECCE) की गतिविधियाँ निर्धारित कैलेंडर के अनुसार ही चलेंगी।
पूरक पोषण आहार: बच्चों को मिलने वाला पौष्टिक भोजन नियमित रूप से वितरित किया जाता रहेगा।
होम विजिट: केंद्र बंद होने के बाद कार्यकर्ता घर-घर जाकर माताओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देंगी।
प्रशासनिक निगरानी और भविष्य की योजना
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी जिला अधिकारियों को इस व्यवस्था की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जैसे ही गर्मी का प्रभाव कम होगा, 1 जुलाई 2026 से सभी आंगनबाड़ी केंद्र फिर से अपने पुराने समय (सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे) पर लौटने लगेंगे। वर्तमान में सरकार का पूरा ध्यान बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने पर केंद्रित है।
















