राज्यसभा में बदला समीकरण : ‘आप’ के सात पूर्व सांसद अब भाजपा के पाले में

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) के सात पूर्व सांसदों को अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्यों के रूप में मान्यता दे दी गई है। इस बदलाव के बाद उच्च सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष की ताकत का संतुलन पूरी तरह बदल गया है।
सदन में दलीय स्थिति: मुख्य बदलाव
24 अप्रैल 2026 तक की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में पार्टियों की नई संख्या इस प्रकार है:
पार्टी का नाम,सांसदों की संख्या (नई स्थिति)
भारतीय जनता पार्टी (BJP),113
कांग्रेस,29
तृणमूल कांग्रेस (TMC),13
आम आदमी पार्टी (AAP),3
भाजपा की सदस्य संख्या बढ़कर अब 113 हो गई है, जिससे सदन में उसकी पकड़ और भी मजबूत हो गई है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक झटका है, क्योंकि उसके सांसदों की संख्या 10 से घटकर अब केवल 3 रह गई है।
भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरे
सचिवालय द्वारा जारी सूची में उन सात नेताओं के नाम भाजपा कोटे में दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने हाल ही में ‘आप’ का साथ छोड़ा था। इनमें शामिल प्रमुख नाम हैं:
राघव चड्ढा
डॉ. अशोक कुमार मित्तल
हरभजन सिंह
संदीप कुमार पाठक
विक्रमजीत सिंह साहनी
स्वाति मालीवाल
राजिंदर गुप्ता
अन्य दलों की वर्तमान स्थिति
सचिवालय के ‘पार्टी पोजीशन’ दस्तावेज के अनुसार, अन्य प्रमुख दलों की स्थिति इस प्रकार है:
क्षेत्रीय दल: डीएमके के पास 8, वाईएसआर कांग्रेस के पास 7 और बीजू जनता दल (बीजेडी) के पास 6 सदस्य हैं।
मध्यम दल: अन्नाद्रमुक के 5 सदस्य हैं, जबकि जदयू, सपा और राकांपा (NCP) के पास 4-4 सांसद मौजूद हैं।
अन्य: राजद, बीआरएस, माकपा और जेकेएनसी के पास 3-3 सदस्य हैं। सदन में 3 निर्दलीय और 7 मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष: राज्यसभा की यह नई सूची न केवल भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि आने वाले समय में विधायी कार्यों और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सत्ता पक्ष को काफी आसानी होने वाली है। आम आदमी पार्टी के खेमे में आई यह गिरावट राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।
















