छत्तीसगढ़

डिजिटल छत्तीसगढ़ : एक नज़र में ‘सेवा सेतु’

रायपुर। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन से ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के इस उन्नत वर्जन को लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ 2003 के ‘चॉइस’ मॉडल से शुरू होकर आज AI-पावर्ड ‘सेवा सेतु’ तक पहुँच गया है, जो नागरिक सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण है।

प्रमुख विशेषताएं और लाभ

वन-स्टॉप सॉल्यूशन: अब एक ही पोर्टल पर 441 सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसमें 54 नई सेवाओं को जोड़ा गया है और 329 सेवाओं को री-डायरेक्ट किया गया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का समावेश: प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए AI तकनीक का उपयोग किया गया है। अब आवेदन से लेकर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक की प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है।

व्हाट्सएप से सरकारी काम: नागरिक अब व्हाट्सएप के जरिए सेवाओं की जानकारी ले सकेंगे, आवेदन की स्थिति जान सकेंगे और अप्रूवल के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट भी डाउनलोड कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए है, जिसे जल्द ही बढ़ाया जाएगा।

भाषाई बाधा का अंत: ‘भाषिणी’ तकनीक के एकीकरण से यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे लोग अपनी मातृभाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

तकनीकी सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा

प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘सेवा सेतु’ में कई महत्वपूर्ण टूल्स जोड़े गए हैं:

सत्यापन और सुरक्षा: प्रमाण-पत्रों की सत्यता जांचने के लिए QR कोड की व्यवस्था है। इसके अलावा, सुरक्षित लॉगिन के लिए डिजिलॉकर, ई-प्रमाण और आधार आधारित e-KYC का उपयोग किया गया है।

भुगतान में आसानी: पोर्टल को ट्रेजरी और ई-चालान से जोड़ा गया है, जिससे नागरिक ऑनलाइन फीस जमा कर तुरंत रसीद प्राप्त कर सकते हैं।

समय-सीमा की गारंटी: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत, यदि काम समय पर नहीं होता है, तो इसमें ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन और स्वतः शिकायत दर्ज होने का प्रावधान है।

व्यापक नेटवर्क और पहुंच

राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 16,000 से अधिक केंद्र सक्रिय हैं:

800+ लोक सेवा केंद्र।

1000+ चॉइस सेंटर।

15,000+ कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)।

मुख्यमंत्री का विजन: “सेवा सेतु के माध्यम से हम शासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर रहे हैं। अब आय, जाति और निवास जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करना पहले से कहीं अधिक सुलभ और पारदर्शी होगा।”

इस लोकार्पण अवसर पर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और मुख्य सचिव सहित चिप्स (CHiPS) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह नई व्यवस्था न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी, बल्कि सरकारी तंत्र में जवाबदेही को भी मजबूत करेगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button