छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा परिणाम : मुख्यमंत्री ने सराहा छात्रों का कौशल, बेटियों ने फिर लहराया परचम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस अवसर पर उन्होंने सफल परीक्षार्थियों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
परीक्षा परिणामों का मुख्य विवरण
मुख्यमंत्री ने परिणामों के आंकड़ों को राज्य की शैक्षणिक उन्नति का प्रतीक बताया। इस वर्ष के परिणाम इस प्रकार रहे:
कक्षा 10वीं (हाई स्कूल): कुल 77.15% विद्यार्थी सफल रहे।
कक्षा 12वीं (हयर सेकेंडरी): सफलता का प्रतिशत 83.04% रहा।
श्री साय ने इस कामयाबी का श्रेय केवल छात्रों को ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के अटूट सहयोग को भी दिया।
बेटियों और ग्रामीण प्रतिभाओं का दबदबा
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बेटियों की यह उपलब्धि समाज में आ रहे सकारात्मक बदलाव और शिक्षा के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाती है।
साथ ही, उन्होंने वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के उन मेधावी छात्रों का विशेष उल्लेख किया जिन्होंने प्रावीण्य सूची (Merit List) में जगह बनाई है। मुख्यमंत्री के अनुसार:
“इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी सफलता के आड़े नहीं आती। उनकी यह मेहनत पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए एक मिसाल है।”
राष्ट्र निर्माण का आह्वान
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में करें।
असफल विद्यार्थियों को ढांढस
जो छात्र इस बार उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं ला पाए, मुख्यमंत्री ने उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे हताश न हों। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी कमियों को पहचानें और पूरे आत्मविश्वास के साथ पुनः प्रयास करें, क्योंकि निरंतर परिश्रम ही अंततः सफलता की कुंजी है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
















