छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण : सुशासन और खुशहाली का नया अध्याय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार श्रमिकों के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश की प्रगति में पसीना बहाने वाले हर श्रमिक को न केवल काम मिले, बल्कि उसे उचित सम्मान और सुरक्षा भी प्राप्त हो। इसी विजन के साथ श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण और डीबीटी का लाभ
पिछले लगभग सवा दो वर्षों में राज्य सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन की मिसाल पेश की है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लगभग 800 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों (DBT) में हस्तांतरित की गई है।
शिक्षा पर विशेष जोर:
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: इस वर्ष श्रमिकों के 200 प्रतिभावान बच्चों को राज्य के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
लक्ष्य: श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता है कि “मजदूर का बच्चा मजदूर न रहे”, बल्कि शिक्षा पाकर ऊंचे मुकाम हासिल करे।
मजदूर दिवस: संघर्ष और अधिकारों का प्रतीक
हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला ‘अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस’ केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति संकल्प लेने का दिन है।
इतिहास: यह दिवस 1886 के शिकागो आंदोलन की याद दिलाता है, जहाँ काम के घंटे 8 निश्चित करने की मांग की गई थी।
भारत का संदर्भ: भारत में इसकी शुरुआत 1923 (चेन्नई) से हुई। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के लिए 12 घंटे की शिफ्ट को घटाकर 8 घंटे करने और महिलाओं के लिए प्रसूति अवकाश जैसे क्रांतिकारी बदलाव सुनिश्चित किए थे।
प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं और बजट
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रम विभाग हेतु 256 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कुछ प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:
योजना का नाम,मुख्य लाभ
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना,”श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक गर्म भोजन (दाल, चावल, सब्जी)।”
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता,आवास अनुदान को 1 लाख से बढ़ाकर अब 1.50 लाख रुपये किया गया है।
ई-रिक्शा सहायता योजना,ई-रिक्शा के लिए अनुदान राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये करने का निर्णय।
मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन,”बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, निःशुल्क गणवेश, पुस्तक और कॉपियों की व्यवस्था।”
सुरक्षा और तकनीक का समावेश
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तकनीक आधारित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य लाभ हेतु 76.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पंजीकरण और कोष का विवरण:
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। मंडल द्वारा संचित उपकर (Cess) का उपयोग पूरी तरह से श्रमिकों के कल्याण पर किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।
निष्कर्ष: “हर हाथ को काम, हर पेट को अन्न और हर काम का उचित दाम” के मंत्र के साथ छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय के संकल्प को साकार कर रही है।
















