कुंवरपुर के जंगलों में भड़की आग, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

सरगुजा। नेशनल हाईवे-130 के समीप स्थित ग्राम कुंवरपुर के जंगलों में लगी भीषण आग ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचाया है। बताया जा रहा है कि आग लगभग एक किलोमीटर के दायरे में फैल गई, जिससे बड़ी संख्या में पेड़-पौधे जलकर राख हो गए। बार-बार होने वाली इन आगजनी की घटनाओं से न केवल पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी संकट गहरा गया है।
विनाशकारी प्रभाव: आग ने करीब एक किलोमीटर के जंगली इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रशासनिक लापरवाही: ग्रामीणों का आरोप है कि घटनास्थल के बेहद करीब वन विभाग का दफ्तर होने के बावजूद, अधिकारी इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
अज्ञात तत्वों का हाथ: स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा जानबूझकर जंगल में आग लगाई जा रही है।
जन आक्रोश: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है।
अधिकारियों का पक्ष
लखनपुर के वनपरिक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा:
“जंगल में आग लगाने के पीछे कुछ अज्ञात लोगों का हाथ है। जैसे ही हमें घटना की जानकारी मिली, हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुँचकर आग को पूरी तरह बुझा दिया है।”
हालांकि विभाग ने आग पर काबू पाने का दावा किया है, लेकिन बार-बार होने वाली इन घटनाओं ने वन सुरक्षा की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए विभाग क्या कड़े कदम उठाता है।
















