गढ़चिरौली में सुरक्षा बलों की ‘अंतिम प्रहार’ कार्रवाई : 64 लाख के इनामी 8 माओवादी भारी हथियारों के साथ गिरफ्तार

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सली आंदोलन अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बाद भी जो नक्सली छिपकर वार करने की फिराक में थे, उनके खिलाफ सुरक्षा बलों ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के कुशल नेतृत्व में खुफिया सूचनाओं के आधार पर “ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक” चलाया जा रहा है, जिसने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।
बड़े नक्सली कमांडर और उनके साथी शिकंजे में
इस विशेष खोजी अभियान के दौरान पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब कंपनी नंबर 10 के प्रभारी और डीवीसीएम राजू मंगलू वेको को उनकी पत्नी जन्नी उर्फ नागी येमला (पीपीसीएम) के साथ मौजा कुमनार इलाके से दबोच लिया गया। इनके पास से एके-47, .303 राइफल और एक ट्वेल्व बोर बंदूक बरामद की गई है। इसी तरह मौजा नैताला क्षेत्र से दो महिला नक्सलियों को भी एस-लिग राइफल, सिंगल शॉट गन और अन्य माओवादी सामग्रियों के साथ हिरासत में लिया गया।
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के ठिकानों से हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। ज़ब्त किए गए कुल 51 घातक हथियारों में:
02 एलएमजी (लाइट मशीन गन)
04 एके-47 राइफल
04 एसएलपी राइफल
03 इंसास राइफल शामिल हैं।
गिरफ्तार किए गए कुल 8 नक्सलियों में से 4 तेलंगाना के रहने वाले हैं, जबकि 2 कुमनार और 2 नैताला इलाके से पकड़े गए हैं। इनमें दो डीवीसीएम, दो पीपीसीएम और चार सक्रिय सदस्य शामिल हैं।
65 लाख से अधिक कैश और भारी मात्रा में बारूद बरामद
पकड़े गए इन सभी आठों नक्सलियों पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से कुल 64 लाख रुपये का इनाम तय था। इनमें से एक नक्सली इसी साल 7 फरवरी 2026 को हुए फोदेवाडा मुठभेड़ में भी शामिल था, जिसमें सी-60 का एक जवान शहीद हो गया था। हिरासत में लिए गए नक्सलियों से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने माओवादियों द्वारा छुपा कर रखे गए हथियारों के गुप्त ठिकाने का पर्दाफाश किया। इसके साथ ही पुलिस ने नक्सलियों के पास से 65 लाख 34 हजार रुपये की नकदी भी बरामद करने में सफलता हासिल की है।
















