बीजापुर के पामगल में ‘सुशासन तिहार’ : समाधान शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, मौके पर ही दूर हुईं कई दिक्कतें

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से लोक-कल्याण की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भोपालपटनम विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पामगल में ‘सुशासन तिहार’ के तहत एक विशाल जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में शासन और प्रशासन को अपने बेहद करीब पाकर स्थानीय ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में पामगल सहित आसपास की कुल 11 ग्राम पंचायतों के निवासी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी एकजुट हुए।
योजनाओं की जानकारी और आवेदनों पर तुरंत एक्शन
ग्रामीणों की सहूलियत के लिए शिविर स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा विशेष काउंटर (स्टॉल) लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान:
कुल आवेदन: ग्रामीणों ने अपनी मांगों, सुझावों और शिकायतों से संबंधित कुल 501 आवेदन अधिकारियों को सौंपे।
त्वरित कार्रवाई: प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी प्राप्त आवेदनों पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
ऑन-द-स्पॉट लाभ: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण, उद्यानिकी और मत्स्य पालन जैसे प्रमुख विभागों ने मौके पर ही पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं के लाभ एवं आवश्यक सामग्रियां वितरित कीं।
स्वास्थ्य शिविर और मातृत्व-शिशु पोषण पर विशेष ध्यान
इस समाधान शिविर में जनता की सेहत और पोषण का खास ख्याल रखा गया, जो कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे:
मुफ्त मेडिकल चेकअप: ग्रामीणों के लिए एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां डॉक्टरों ने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की सेहत जांची और उन्हें मुफ्त दवाइयां व चिकित्सा परामर्श दिया।
गोद भराई और अन्नप्राशन: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सामाजिक सरोकार निभाते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और उन्हें बेहतर पोषण की सलाह दी गई। इसके साथ ही, नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य विकास को बढ़ावा देने के लिए उनका अन्नप्राशन (पहली बार अन्न खिलाना) संस्कार भी कराया गया।
निष्कर्ष: पामगल में आयोजित हुआ यह ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीण जनता और सरकार के बीच की दूरी को पाटने में बेहद मददगार साबित हुआ। एक ही छत के नीचे समस्याओं के निपटारे और योजनाओं के लाभ मिलने से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे।
















