छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा पर्यावरण का संकल्प : मुख्यमंत्री साय और स्पीकर रमन सिंह ने रोपे पौधे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा परिसर एक अनोखे और भावुक अभियान का गवाह बना। प्रकृति संरक्षण और माताओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ महा-अभियान के तहत परिसर में भारी मात्रा में पौधे लगाए गए। इस खास मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित सत्तापक्ष और विपक्ष के तमाम विधायकों ने मिलकर पौधारोपण किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दौरान रुद्राक्ष का पौधा लगाया। सभी जनप्रतीनिधियों ने न केवल पेड़ लगाए, बल्कि वहां बने विशेष सेल्फी पॉइंट पर तस्वीरें खिंचवाकर जनता से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
जनआंदोलन बना प्रधानमंत्री का आह्वान: मुख्यमंत्री
पौधारोपण के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से शुरू हुआ यह अभियान अब देश में एक बड़ा जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा:
“जब कोई व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाता है, तो उसका उस पौधे से एक गहरा भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। यही भावना पौधे की सुरक्षा और उसे बड़ा करने की प्रेरणा देती है।”
मुख्यमंत्री ने इस बेहतरीन पहल के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की तारीफ की और उम्मीद जताई कि लोकतंत्र के इस मंदिर से निकला यह संदेश पूरे राज्य में पर्यावरण चेतना की एक नई लहर पैदा करेगा।
ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
जलवायु परिवर्तन, असमय बारिश और बढ़ते तापमान जैसी वैश्विक समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में वृक्षारोपण कोई औपचारिकता नहीं बल्कि मानव जीवन को बचाने की जरूरत है। उन्होंने हर नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी अपने परिवार के सदस्य की तरह देखभाल करने का आग्रह किया।
सरकार की प्राथमिकताओं में ‘ग्रीन छत्तीसगढ़’
मुख्यमंत्री साय ने साफ किया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी शीर्ष प्राथमिकता दे रही है। वन क्षेत्र बढ़ाने और जल संरक्षण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
इस वृहद आयोजन में दोनों उप-मुख्यमंत्री—श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण पाण्डेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
















