छत्तीसगढ़

ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी क्रांति : सीएम साय और डॉ. रमन सिंह ने ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ को किया रवाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को डिजिटल युग की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। विधानसभा परिसर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संयुक्त रूप से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह चलता-फिरता अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों को भविष्य की तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देगा।

मोबाइल लैब में क्या सीखेंगे छात्र?

इस हाई-टेक मोबाइल वैन में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें निम्नलिखित आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक (Hands-on) प्रशिक्षण मिलेगा:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग

रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी

3D प्रिंटिंग और एयरोमॉडलिंग

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी (AR/VR)

“महानगरों जैसी सुविधा अब गाँवों में” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हमारे गाँव के बच्चे भी तकनीक के मामले में शहरों जितने सक्षम होंगे।

समान अवसर: इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी छात्रों के बीच के तकनीकी अंतर को समाप्त करना है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप: यह मोबाइल लैब नई शिक्षा नीति के नवाचार और कौशल विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार साबित होगी। मुख्यमंत्री ने खुद लैब के उपकरणों का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली की सराहना की।

“रटने की जगह प्रयोग पर जोर” — डॉ. रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज का युग विज्ञान का है।

व्यावहारिक अनुभव: अब छात्र खुद ड्रोन उड़ाकर, रोबोट चलाकर और 3D मॉडल बनाकर विज्ञान को गहराई से समझ सकेंगे।

विधायक की पहल: उन्होंने पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा की दूरगामी सोच की प्रशंसा की, जिनके प्रयासों से इस अनूठी लैब की रूपरेखा तैयार हुई है।

योजना का खाका और लक्ष्य

पहला लक्ष्य: पहले साल में 5,000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है।

प्राथमिकता: शुरुआती चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशिक्षण मॉड्यूल: 5 विशेषज्ञों की एक टीम हर स्कूल में 3 से 5 दिनों की विशेष कार्यशाला आयोजित करेगी।

प्रमाण पत्र: कोर्स पूरा करने वाले सभी विद्यार्थियों को आधिकारिक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिक

इस शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुश्री भावना बोहरा, श्री सुशांत शुक्ला, श्री योगेश्वर राजू सिन्हा और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित कई जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र मौजूद रहे।

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