दोकड़ा रथयात्रा : मुख्यमंत्री साय ने निभाई गजपति महाराजा की पावन परंपरा, जशपुर के लिए रेल व मेडिकल कॉलेज की विकास योजनाओं को किया साझा

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान परंपरागत गजपति महाराजा के दायित्वों का निर्वहन करते हुए छत्तीसगढ़ के नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
सोने की झाड़ू से बुहारी कर शुरू की रथयात्रा
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन सनातनी परंपरा ‘छेरा पहरा’ का पालन करते हुए सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के मार्ग को बुहारा और चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके उपरांत, उन्होंने वहां उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के साथ मिलकर रथ की डोरी खींची और रथयात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र शंखध्वनि, हरी कीर्तन और “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
“वर्ष 1942 से निरंतर चली आ रही दोकड़ा की यह रथयात्रा हमारी गहरी आस्था और समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है। जनसहयोग से जीर्णोद्धार के बाद वर्ष 2025 में मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी, जिसके बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा है।”
— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
पुरी धाम से छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक संबंध
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ओडिशा के पुरी धाम से बेहद प्राचीन और आत्मीय नाता है। उन्होंने बताया कि आज भी पुरी में भगवान जगन्नाथ के महाप्रसाद के लिए छत्तीसगढ़ के देवभोग क्षेत्र का चावल भेजा जाता है, जो दोनों क्षेत्रों के अटूट सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।
जनहितैषी योजनाओं और जशपुर के विकास पर डाला प्रकाश
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और जशपुर के लिए स्वीकृत महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भी उल्लेख किया:
आवास और सशक्तिकरण: ‘मोदी की गारंटी’ के तहत प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं, महिलाओं के स्वावलंबन के लिए महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी हैं।
धार्मिक पर्यटन व राहत: ‘रामलला दर्शन’ और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत हजारों लोग दर्शन कर रहे हैं। बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सरचार्ज माफी योजना की अवधि को 3 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है।
प्रशासनिक सुगमता: ग्रामीण क्षेत्रों में ‘अटल डिजिटल सेवा केंद्रों’ के जरिए 520 से अधिक सरकारी सेवाएं और बैंकिंग सुविधाएं सीधे गांवों में मिल रही हैं। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 चौबीसों घंटे सक्रिय है।
रेल नेटवर्क और स्वास्थ्य क्रांति: जशपुर को रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा, जिले में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे चिकित्सा व उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुलेंगे।
भक्तिमय माहौल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। झांझ, मंजीरे, ढोल और शंख की आवाजों के बीच बच्चे, युवा और बुजुर्ग समान उत्साह के साथ उत्सव में शामिल हुए।
इस ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव के अवसर पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा सहित जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
















