जशपुर वन विभाग का अनोखा प्रयोग : सीएम साय ने ‘ट्री एटीएम’ वाहन को दिखाई हरी झंडी, मिलेंगे मुफ्त पौधे

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पर्यावरण को बचाने के लिए वन विभाग ने एक बेहद अनूठी और डिजिटल युग से प्रेरित शुरुआत की है। अमूमन लोग एटीएम का इस्तेमाल पैसे निकालने के लिए करते हैं, लेकिन अब जशपुर के लोग एक विशेष मोबाइल वैन यानी ‘ट्री एटीएम’ से पौधे प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया हेलीपैड परिसर में इस खास वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक तक पौधों की पहुंच को आसान बनाना और हरियाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने खुद इस ट्री एटीएम का उपयोग करके आंवले का एक पौधा निकाला और वहां मौजूद लोगों को भी पौधे बांटे। उन्होंने बताया कि यह चलती-फिरती ट्री एटीएम वैन जिले के अलग-अलग इलाकों में घूमेगी और आम जनता को मुफ्त में पौधे बांटेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस सुविधा से लोग बड़ी संख्या में पौधरोपण की मुहिम से जुड़ेंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण में जनता की भागीदारी बढ़ेगी।
मानसून का सही उपयोग और पीएम मोदी के अभियान से प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर वन विभाग की इस सोच की तारीफ करते हुए कहा कि बारिश का मौसम पेड़ लगाने के लिए सबसे बेहतरीन समय होता है। ऐसे में यह ट्री एटीएम लोगों को उनकी पसंद के पौधे आसानी से घर के पास ही उपलब्ध करा देगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित है, जिसने पूरे भारत में पर्यावरण के प्रति एक नई लहर पैदा की है। छत्तीसगढ़ भी इसी राह पर चलते हुए बड़े पैमाने पर पेड़ लगा रहा है।
केवल पौधा देना ही नहीं, बड़ा होने तक सिखाएंगे देखभाल का तरीका
“आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव” के मुख्य नारे के साथ शुरू हुई यह मुहिम सिर्फ पौधे बांटने तक सीमित नहीं है।
इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जो भी व्यक्ति इस ट्री एटीएम से पौधा लेगा, उसे वन विभाग के विशेषज्ञ पौधा लगाने का सही वैज्ञानिक तरीका समझाएंगे। साथ ही, पौधे की नियमित देखभाल कैसे करनी है और उसे पेड़ बनने तक कैसे सुरक्षित रखना है, इसकी भी पूरी जानकारी दी जाएगी। वन विभाग का मकसद सिर्फ रिकॉर्ड के लिए पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर एक सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेश की जनता से अपील की कि वे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और सुरक्षित माहौल देने के लिए इस मानसून में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी जिम्मेदारी लें।
















