उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर हंगामा : शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई के विरोध में पथराव, आंसू गैस का प्रयोग

उज्जैन (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर स्थिति गंभीर हो गई। प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ की ओर से पथराव किए जाने पर स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी: 900 मीटर मार्ग का विस्तार
विवाद की मुख्य वजह कंथल चौराहे से गोपाल मंदिर तक फैले लगभग 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की प्रशासनिक योजना है। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं और यातायात के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।
इस परियोजना के अंतर्गत मार्ग में आने वाले कई धार्मिक व व्यावसायिक निर्माण प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि आगामी सिंहस्थ पर्व को देखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
मस्जिद प्रबंधन की आपत्ति और कानूनी स्थिति
शाही मस्जिद समिति और स्थानीय निवासियों ने मस्जिद के किसी भी भाग को ढहाने पर आपत्ति जताई है। उनका सुझाव है कि सड़क का विस्तार दूसरी ओर से किया जाना चाहिए ताकि धार्मिक ढांचे को नुकसान न पहुंचे। मस्जिद पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था।
हालांकि, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने नगर निगम की इस कार्रवाई के विरुद्ध दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन किया है और मस्जिद को विशेष रूप से निशाना बनाए जाने का दावा बेबुनियाद है।
रविवार रात से जमावड़ा, सुबह भड़की हिंसा
कार्रवाई की संभावना को देखते हुए रविवार रात से ही शाही मस्जिद परिसर के आसपास लोग एकत्र होने लगे थे। विरोध की आशंका में पुलिस ने पहले ही पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी थी।
सोमवार सुबह स्थिति तब बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए। पुलिस का कहना है कि भीड़ में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने जवानों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का सहारा लिया गया।
शहर में व्यापक विकास कार्य जारी
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सड़कों, घाटों और यातायात व्यवस्था के सुधार के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसी क्रम में मार्ग में बाधा बन रहे निर्माणों को हटाया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उदाहरण पेश करते हुए सड़क के दायरे में आ रहे अपने पैतृक मकान के हिस्से को स्वयं हटवाया था।
फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक कड़ी कर दी गई है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रियाओं के तहत स्थिति पर बारीक नज़र रख रहे हैं।
















