छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और योजनाओं की तेज मॉनिटरिंग : मुख्यमंत्री साय ने की पारस पोर्टल से समीक्षा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में ‘पारस’ (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कसावट लाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारने के लिए कई कड़े निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश और बिंदु
नियमित समीक्षा: अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के जरिए प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की उच्च-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि विलंब और लापरवाही से बचा जा सके।
एग्रीस्टैक (Agristack) पंजीयन: किसानों के लिए चलाई जा रही इस व्यवस्था में किसी भी पात्र किसान को वंचित न रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसे सिर्फ धान खरीदी से न जोड़ते हुए एक पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है।
बाढ़ राहत और सर्वे: हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित 17 जिलों (विशेषकर बस्तर संभाग) में हुए नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर पीड़ितों तक सहायता राशि और स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर पहुंचाने को कहा गया है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: स्वच्छ ऊर्जा और विद्युत आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए इस योजना के दायरे को तेजी से बढ़ाने और वेंडर-सब्सिडी प्रक्रिया को सरल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधोसंरचना और अंतर्विभागीय समन्वय: सड़क, पुल-पुलियों तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों में आने वाली वन विभाग या अन्य विभागों की बाधाओं को आपसी समन्वय से तुरंत दूर करने को कहा गया है।
जनशिकायतों का समाधान: ‘सेवा सेतु’ और ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ पर मिलने वाली नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और तय समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
















