टीबी नियंत्रण के साथ नशा मुक्ति मुहीम को जोड़ने पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल का जोर, 77वें टीबी सील अभियान की शुरुआत

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन के प्रयासों को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के साथ समन्वित करने की आवश्यकता जताई है। भोपाल में आयोजित एम.पी. स्टेट टी.बी. एसोसिएशन के 77वें टीबी सील अभियान के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि देश को स्वस्थ, सशक्त और विकसित बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहा नशा विरोधी अभियान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
युवाओं को जागरूक करने और घरेलू संस्कारों पर बल
अपने संबोधन में राज्यपाल ने रेखांकित किया कि नशे की लत के कारण युवाओं और बच्चों पर आर्थिक, सामाजिक व मानसिक रूप से गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को घर से ही संयमित जीवनशैली, पौष्टिक भोजन और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के संस्कार दें।
टीबी मुक्त भारत के लिए मुख्य दिशा-निर्देश
राज्यपाल पटेल ने अभियान से जुड़े अधिकारियों व स्वयंसेवी संगठनों को निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया:
जांच और दवाइयों की पहुंच: प्रत्येक मरीज की समय पर पहचान, निरंतर निगरानी, सही दवाएं और पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
सकारात्मक दृष्टिकोण: रोगियों को अनुशासित जीवनशैली और मानसिक रूप से मजबूत रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
मानवीय सेवा: उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा करना ईश्वर की आराधना के समान है, इसलिए सभी संगठन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस कार्य में योगदान दें।
सहयोग राशि: राज्यपाल ने अभियान के समर्थन में ₹11,000 का व्यक्तिगत योगदान दिया।
जागरूकता किट का लोकार्पण: कार्यक्रम के दौरान टीबी से संबंधित जानकारी और जागरूकता बढ़ाने वाली विशेष किट जारी की गई।
मुख्य उपस्थिति: इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, एसोसिएशन के अध्यक्ष जयपाल सचदेव और डॉ. अभिजीत देशमुख सहित कई गणमान्य व्यक्ति व लोकभवन के अधिकारी उपस्थित रहे। अध्यक्ष जयपाल सचदेव ने अभियान के नए नवाचारों की जानकारी दी, जबकि डॉ. देशमुख ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
















