ब्रह्मोस और ऑपरेशन सिंदूर का खौफ : पाकिस्तानी सलाहकार का पुराना राग, भारत पर लगाए बेबुनियाद आरोप

नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और करतूतों से ध्यान भटकाने के लिए अक्सर भारत पर अनर्गल और बेतुके आरोप लगाता रहता है। ताजा घटनाक्रम में, पाकिस्तान के न्यूक्लियर एडवाइजर और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल मजर जमील ने लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान भारत पर गंभीर और निराधार आरोप मढ़े हैं। उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के दावा किया कि भारत देश में अस्थिरता फैलाने के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों को समर्थन दे रहा है।
लंदन में दिए बयान में छलका भारतीय सैन्य ताकत का डर
लंदन स्थित ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ (IISS) में 13 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी सलाहकार ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की नीतियों पर सवाल उठाए। हालांकि, इन तमाम बेतुके आरोपों के बीच उनके बयानों में भारतीय सैन्य ताकत और ब्रह्मोस मिसाइल का खौफ साफ तौर पर झलका। उन्होंने माना कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें परमाणु हथियार ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान का पुराना एजेंडा
मजर जमील ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने दक्षिण एशिया को परमाणु संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था, और यह पाकिस्तान का रणनीतिक संयम था जिससे स्थिति नियंत्रित रही। हालांकि, उन्होंने इस बात का कोई जिक्र नहीं किया कि उस सैन्य कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी सेना को कितना नुकसान उठाना पड़ा था और वहां के डीजीएमओ ने भारत से हमले रोकने की गुहार लगाई थी। इसके अलावा, उन्होंने मार्च 2022 की उस घटना का भी जिक्र किया जब तकनीकी कारणों से एक ब्रह्मोस मिसाइल गलती से पाकिस्तानी सीमा में चली गई थी।
भारत की परमाणु नीति पर भ्रम फैलाने की कोशिश
पाकिस्तानी अधिकारी ने भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ (पहले प्रयोग न करने की नीति) को भी महज एक दिखावा करार देने की कोशिश की। उन्होंने भारत के पूर्व एनएसए शिवशंकर मेनन की एक पुस्तक का हवाला देकर यह साबित करने का असफल प्रयास किया कि भारत की नीति में पहले हमला करने का विकल्प मौजूद है। हालांकि, रणनीतिक जानकारों का मानना है कि परमाणु रणनीतियों पर अकादमिक चर्चा और देश की आधिकारिक नीति में अंतर होता है, और ऐसे बวयों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भ्रामक है।
कौन हैं मजर जमील?
मजर जमील साल 2015 से 2017 तक पाकिस्तान की ‘स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन’ के प्रमुख रह चुके हैं, जो देश के परमाणु हथियारों के प्रबंधन से जुड़ी इकाई है। वर्तमान में वह नेशनल कमांड अथॉरिटी के सलाहकार हैं। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य और रणनीतिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा इस तरह के निराधार दावे करना केवल अपनी घरेलू जनता को भ्रमित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ एजेंडा चलाने का एक पुराना हथकंडा मात्र है।
















