संस्कृति हमारी पहचान, इसे संरक्षित करना युवाओं की जिम्मेदारी : सांसद चिंतामणि महाराज

अम्बिकापुर। स्थानीय पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम हॉल में जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा उत्सव-2026 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोक संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना है। इस आयोजन में जिलेभर के विकासखण्डों से आए युवा विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं।
विभिन्न विधाओं में हो रहा हुनर का प्रदर्शन
इस युवा उत्सव में युवाओं को अपनी कला दिखाने के लिए कई रचनात्मक मंच दिए गए हैं। प्रतियोगिताओं की प्रमुख सूची में शामिल हैं:
लोक नृत्य और लोक गीत
कविता लेखन एवं नुक्कड़ नाटक
रॉक बैंड (राज्य स्तरीय) और क्रिएटिव यूथ रील चैलेंज
विकसित भारत चैलेंज ट्रैक
पारंपरिक वेशभूषा और चित्रकला
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों ने युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया:
सांसद चिंतामणि महाराज: उन्होंने कहा कि संस्कृति ही हमारी असल पहचान है। वर्तमान दौर में आधुनिकता की दौड़ के बीच सांस्कृतिक मूल्यों में आ रहे बदलाव को रोकना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब माता-पिता अपनी परंपराओं से दूर होते हैं, तो नई पीढ़ी तक इन्हें पहुंचाना कठिन हो जाता है। इसलिए युवाओं को प्राचीन संस्कृति को केवल बचाने ही नहीं, बल्कि उसे जीवंत रखने का संकल्प लेना चाहिए।
महापौर मंजूषा भगत: उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सरगुजा की सांस्कृतिक विरासत को एक नई दिशा देते हैं। जनजातीय परंपराओं और कलाओं को सहेजकर अगली पीढ़ी तक स्थानांतरित करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
कलेक्टर अजीत वसंत: उन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति पर गर्व करने के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों की विविध परंपराओं का सम्मान करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा सहेजी गई धरोहर को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब युवा पीढ़ी की है।
इस अवसर पर नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, शशिकांत जायसवाल, पीजी कॉलेज के प्राचार्य अनिल सिन्हा, प्रियंका चौबे समेत कई गणमान्य नागरिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी मौजूद रहे।
















