पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी, 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि देश के अन्नदाता किसानों की आर्थिक मजबूती ही ‘विकसित भारत’ के निर्माण की सबसे ठोस नींव है। राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का खाका खींचा।
छत्तीसगढ़ के खातों में पहुँची 24वीं किस्त की राशि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से डिजिटल माध्यम से ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 24वीं किस्त देश के करोड़ों किसानों के खातों में ट्रांसफर की। इसके तहत छत्तीसगढ़ के लगभग 24.59 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए कुल 498 करोड़ 48 लाख रुपये सीधे भेजे गए हैं। इस योजना के तहत राज्य के अन्नदाताओं को अब तक कुल 11,776 करोड़ रुपये से अधिक कीवित्तीय सहायता मिल चुकी है, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों को खेती की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने में बड़ा संबल मिला है।
प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को फौरन राहत के निर्देश
हाल ही में ‘अर्नब’ चक्रवात के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। इस पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तुरंत फसल नुकसान का जायजा लेने और सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के नियमों के तहत तय मुआवजा समय पर दिया जाएगा और इस आपदा की घड़ी में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
15 नवंबर से धान खरीदी और 360 नए केंद्र
राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शुरू होगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरियाँ तय न करनी पड़ें, इसके लिए पूरे प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं। सरकार यहां 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान खरीदेगी, जो देश की सबसे बेहतरीन दरों में शुमार है।
कृषि विविधीकरण और वैकल्पिक आय पर जोर
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ जैविक व प्राकृतिक खेती, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों अपनाने का आह्वान किया ताकि किसानों की आमदनी के वैकल्पिक स्रोत बढ़ सकें। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने भी किसानों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और भूमिहीन मजदूरों के लिए मिल रही सहायता पर अपने विचार रखे।
















