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बस्तर में खुशहाली का नया सवेरा : मुख्यमंत्री साय ने PM मोदी को सौंपा ‘रोडमैप 2.0’ का ब्लूप्रिंट

नई दिल्ली (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य केंद्र ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ रहा, जो नक्सलवाद के खात्मे के बाद इस अंचल में सर्वांगीण विकास और स्थानीय सशक्तिकरण की नई गाथा लिखने के लिए तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि केंद्र के मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद उन्मूलन के अभियान में ऐतिहासिक सफलता मिली है। अब राज्य सरकार का पूरा ध्यान बस्तर को शांति के पथ से समृद्धि के पथ पर ले जाने पर है।

‘नियद नेल्ला नार’ की सफलता से गदगद हुए प्रधानमंत्री

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने बस्तर के संवेदनशील इलाकों में संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने NCAER के हालिया सर्वे के सकारात्मक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि:

शिक्षा: 93% गाँवों में प्राथमिक स्कूल सक्रिय हैं, जहाँ लगभग सभी बच्चों को भोजन और पुस्तकें मिल रही हैं।

स्वास्थ्य: 97% गाँवों में आंगनबाड़ी केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेवाएं दे रहे हैं।

दस्तावेज: 95% से अधिक निवासियों के पास अब अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड उपलब्ध है।

बस्तर रोडमैप 2.0: विकास के नए आयाम

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने विकास की भविष्यगामी योजना साझा की, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

योजना का विस्तार: ‘नियद नेल्ला नार’ योजना अब बस्तर के 7 जिलों के अलावा गरियाबंद, मोहला-मानपुर और खैरागढ़ जैसे प्रभावित क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी।

आर्थिक लक्ष्य: वर्तमान में बस्तर के 85% परिवारों की आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार का लक्ष्य अगले 3 वर्षों में इसे दोगुना कर 30 हजार रुपये प्रति माह तक पहुँचाना है।

आजीविका क्लस्टर: कृषि, वनोपज और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर’ विकसित किए जाएंगे।

कनेक्टिविटी: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के जरिए दूरदराज के 38 मार्गों पर परिवहन सुविधा शुरू की गई है।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश

बस्तर को आधुनिक बनाने के लिए सरकार बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है:

एजुकेशन सिटी: दंतेवाड़ा की तर्ज पर अब ओरछा और जगरगुंडा में भी अत्याधुनिक शिक्षण परिसर बनाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवा: जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू होने के बाद अब गीदम में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।

सिंचाई: इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज जैसी 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से खेती को नया जीवन मिलेगा।

प्रधानमंत्री को बस्तर आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्र के दौरे के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे बस्तर में आगामी रेल और सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए अपना बहुमूल्य समय दें।

मुख्यमंत्री ने इस भेंट को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप बस्तर अब केवल शांति का टापू ही नहीं, बल्कि आर्थिक संभावनाओं का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।

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