नक्सलवाद के काले साये से मुक्त बस्तर में पुनर्वास की बयार : गृह मंत्री अमित शाह और सीएम विष्णु देव साय ने दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण

रायपुर। दंतेवाड़ा में आयोजित एक विशेष शिविर के माध्यम से बस्तर अंचल में शांति, विकास और मानवीय संवेदनाओं का एक नया अध्याय लिखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह के दूसरे चरण में सम्मिलित हुए। इस दौरान तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के सैकड़ों दिव्यांगजनों को जीवन को सुगम बनाने वाले उपकरण प्रदान किए गए।
नक्सलवाद के घावों पर मरहम लगाने का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि दशकों तक बस्तर के आदिवासी परिवारों ने नक्सली हिंसा और आतंक का गंभीर दंश झेला है। निर्दोष नागरिकों को आईईडी विस्फोटों के जरिए अपंग बनाया जाना मानवाधिकारों का सबसे बड़ा हनन था। अब जब देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो चुका है, तो हमारी सबसे बड़ी नैतिक जिम्मेदारी इन गहरे घावों पर मरहम लगाने और पीड़ितों का पुनर्वास करने की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ चट्टान की तरह खड़ी है ताकि बस्तर को फिर से खुशहाल और समृद्ध बनाया जा सके।
गृह मंत्री ने बताया कि इससे पहले जगदलपुर में आयोजित शिविर में भी हजारों लोगों को सहायता पहुंचाई गई थी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी अभिनव योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी बम-धमाकों और गोलियों की गूंज से सहमा रहता था, वहाँ आज के युवा खेलकूद और सांस्कृतिक उत्सवों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इसके अलावा, आत्मसमर्पण करने वाले हजारों नक्सलियों के लिए बैंक खाते खोलने, रोजगार, आवास और कौशल प्रशिक्षण जैसे कदम उठाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, सुरक्षा के लिए बने 200 से अधिक शिविरों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो अब जनसेवा के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
विकास और खुशहाली की ओर अग्रसर बस्तर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वीर सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और बस्तर की जनता के सहयोग से आज छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्ति मिली है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार का मुख्य लक्ष्य बस्तर को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के जरिए दूरदराज के गाँवों तक बिजली, सड़क, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए इंद्रावती नदी पर बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके अलावा, नक्सल हिंसा के शिकार हुए लोगों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण देकर उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया जा रहा है।
लाभार्थियों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
शिविर के दौरान कृत्रिम अंग और उपकरण पाने वाले लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। सुकमा के दिव्यांग जवान और बीजापुर के स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कृत्रिम पैर और सहायक उपकरण मिल जाने से उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयाँ दूर हो गई हैं और वे एक बार फिर आत्मनिर्भरता के साथ जीने के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी अपने विचार रखे और कहा कि पीड़ितों के दर्द को दूर करने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
















