भाजपा की दमनकारी नीति के आगे नहीं झुकेगी ‘आप’: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली (एजेंसी)। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेगी। गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर हो रही गिरफ्तारियों को लेकर केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है।
सत्ता का दुरुपयोग और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न
केजरीवाल ने अपने पत्र में गुजरात सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में 160 से अधिक कार्यकर्ताओं को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन द्वारा लगभग 10,000 अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि चुनाव से पहले पार्टी को कमजोर किया जा सके।
“भाजपा ‘आप’ की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई है। गुजरात की जनता इस गुंडागर्दी और दमनकारी राजनीति को देख रही है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी।”
— अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल द्वारा पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु:
मिलीभगत की राजनीति: केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दशकों से भाजपा और कांग्रेस के बीच गुप्त गठबंधन रहा है, लेकिन ‘आप’ के आने से अब जनता के पास एक ईमानदार और मजबूत विकल्प मौजूद है।
साजिश का पैटर्न: पत्र में कार्यकर्ताओं को फंसाने के एक खास तरीके का जिक्र किया गया है। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व ‘आप’ कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करते हैं और तुरंत बाद क्राइम ब्रांच आकर कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार कर लेती है।
नेताओं को निशाना बनाना: प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी की हालिया गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह पुलिसिया कार्रवाई केवल चुनाव जीतने के लिए दबाव बनाने की एक कोशिश है।
भविष्य की रणनीति
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और गुजरात के स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर इन ज्वलंत मुद्दों पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें जल्द ही मिलने का समय दिया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि गुजरात में अब बदलाव की लहर है और भाजपा की “डर की राजनीति” अब अधिक समय तक सफल नहीं होगी।
















