AI तस्वीर विवाद : कर्नाटक भाजपा ने प्रियांक खरगे से सार्वजनिक माफी की मांग की

बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक में एआई (AI) द्वारा निर्मित एक विवादित तस्वीर को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने सोशल मीडिया पर एक एआई-जेनरेटेड तस्वीर साझा की। भाजपा का दावा है कि इस तस्वीर के जरिए खरगे ने न केवल जनता को गुमराह किया, बल्कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे महत्वपूर्ण अभियान का भी उपहास उड़ाया।
भारी विरोध और विवाद बढ़ता देख खरगे ने बाद में वह पोस्ट हटा दी। यह मामला 2017 के उन्नाव दुष्कर्म कांड से जुड़ी टिप्पणियों पर आधारित था।
भाजपा का तीखा प्रहार
कर्नाटक भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद को ‘फैक्ट चेकर’ बताने वाले मंत्री ही फर्जी खबरें फैलाने में संलिप्त पाए गए हैं। भाजपा के अनुसार:
आईटी मंत्रालय का प्रभार होने के बावजूद खरगे ने जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण सामग्री साझा की।
उन्होंने अदालती आदेशों को गलत संदर्भ में पेश कर जनता के बीच भ्रम पैदा किया।
राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का अपमान किया गया।
प्रियांक खरगे की प्रतिक्रिया
विवाद गहराने पर खरगे ने एक और पोस्ट साझा की। उन्होंने स्वीकार किया कि तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई हो सकती है और इसे “अनजाने में हुई चूक” बताया। हालांकि, उन्होंने भाजपा पर निशाना साधना जारी रखा और कहा कि उनकी (भाजपा की) कार्यप्रणाली से जनता पहले ही वाकिफ है।
यह विवाद दिल्ली हाईकोर्ट के उस हालिया फैसले के बाद आया है, जिसमें उन्नाव मामले के दोषी और पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को निलंबित किया गया है। अदालत ने टिप्पणी की थी कि सेंगर पहले ही सात साल से अधिक का समय जेल में बिता चुके हैं। इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर खरगे ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी।
















