बैसाखी उत्सव : पाकिस्तान के लिए सिखों का जत्था रवाना, सुरक्षा के मद्देनजर नियमों में बड़ा बदलाव

अमृतसर (एजेंसी)। बैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हो रहा है। हालांकि, इस वर्ष सुरक्षा और मर्यादा को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने यात्रा के नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब कोई भी श्रद्धालु अकेले (सिंगल) यात्रा नहीं कर सकेगा; केवल परिवार या समूह के साथ जाने वालों को ही अनुमति दी गई है।
यात्रा का विवरण और वीजा आंकड़े
शुक्रवार सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं का यह दल SGPC कार्यालय से अटारी-वाघा बॉर्डर के लिए प्रस्थान करेगा। इस वर्ष कुल 2840 श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। वीजा आवेदनों की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
श्रेणी,आवेदन/स्वीकृति
SGPC द्वारा भेजे गए पासपोर्ट,1795
स्वीकृत वीजा (SGPC),1763
खारिज आवेदन,32
दिल्ली से श्रद्धालु,409
हरियाणा से श्रद्धालु,255
सख्त नियमों के पीछे का कारण
SGPC ने स्पष्ट किया है कि नियमों में यह सख्ती पिछले वर्ष की एक घटना के बाद आई है, जिसमें एक महिला श्रद्धालु पाकिस्तान जाने के बाद वापस नहीं लौटी थी। भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए इस बार किसी भी अकेले पुरुष या महिला का वीजा आवेदन आगे नहीं बढ़ाया गया। इस निर्णय के कारण कई इच्छुक श्रद्धालु इस बार यात्रा पर नहीं जा सके।
मुख्य कार्यक्रम और रूट
सिख श्रद्धालुओं का यह दल 10 अप्रैल से 19 अप्रैल तक पाकिस्तान में रहेगा।
मुख्य पड़ाव: यात्रा का मुख्य समागम गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में आयोजित किया जाएगा।
अपील: SGPC सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने सभी यात्रियों से अपने आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और समय पर पहुंचने का आग्रह किया है।
मांग: SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने एक बार फिर केंद्र सरकार से करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को खत्म करने और 20 डॉलर के सेवा शुल्क को हटाने की मांग दोहराई है, ताकि आम श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें।
















