भोजशाला में बसंत पंचमी : सुरक्षा के कड़े इंतजाम, छावनी में तब्दील हुआ परिसर

मध्य प्रदेश (एजेंसी)। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में इस वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। शुक्रवार को बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन होने के कारण उत्पन्न संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें
हिंदू संगठनों द्वारा बसंत पंचमी पर विशेष पूजा की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि इससे पहले 2006, 2013 और 2016 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी जब बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़े थे।
प्रतिबंध और दिशा-निर्देश
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कई कड़े नियम लागू किए हैं:
प्रवेश नियम: श्रद्धालु केवल पूजा सामग्री (अक्षत और फूल) ही अंदर ले जा सकेंगे। मोबाइल, बैग, कैमरा और पानी की बोतलें ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
हथियार व विस्फोटक: किसी भी प्रकार के धारदार हथियार या विस्फोटक सामग्री ले जाना सख्त वर्जित है।
भड़काऊ सामग्री: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से धार्मिक उन्माद फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने पर भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ईंधन व शराब: खुले में पेट्रोल-डीजल की बिक्री और बसंत पंचमी के दिन शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
भारी पुलिस बल की तैनाती
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के अनुसार, कानून-व्यवस्था के लिए कुल 6,461 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिनमें महिला बल और आरएएफ (RAF) की 8 प्लाटून भी शामिल हैं। आने वाले घंटों में लगभग 2,000 और जवानों की तैनाती की संभावना है।
सामुदायिक संवाद और सतर्कता
प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अब तक स्थानीय नागरिकों और विभिन्न समुदायों के साथ 50 से अधिक बैठकें की हैं। शरारती तत्वों पर लगाम कसने के लिए करीब 4,500 संदिग्ध लोगों से भारी भरकम राशि का ‘बाउंड ओवर’ भी भरवाया गया है।
















