बिलासपुर में बर्ड फ्लू का बढ़ता खतरा : प्रशासन ने सीमाओं पर लगाया पहरा, अंडा और चिकन की बिक्री पर रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (H5N1) के प्रकोप ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है। अब जिले में मुर्गियों, अंडों और अन्य पक्षियों के परिवहन व बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कलिंग अभियान: वायरस की पुष्टि होने के बाद, अब तक लगभग 30,000 से अधिक पक्षियों को मारा (Culling) जा चुका है ताकि संक्रमण अन्य क्षेत्रों में न फैले।
निगरानी जोन: प्रभावित इलाके के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘अति संवेदनशील’ और 10 किलोमीटर के क्षेत्र को ‘निगरानी क्षेत्र’ घोषित किया गया है।
सख्त नाकेबंदी: सीमाओं पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं जहाँ संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है, ताकि कोई भी संक्रमित सामग्री जिले से बाहर न जा सके या भीतर न आ सके।
पशु चिकित्सा विभाग की सतर्कता
पशु चिकित्सा विभाग की टीमें वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। जलाशयों और प्रवासी पक्षियों के ठिकानों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पक्षियों की असामान्य मौत की हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील: नागरिक किसी भी मृत पक्षी के संपर्क में आने से बचें और ऐसी स्थिति दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
















