छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक : धान खरीदी की तैयारियों, फसल नुकसान और बस किराए पर मंथन 30 सितंबर को

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 सितम्बर को मंत्रालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के किसानों और खरीफ सत्र से जुड़ी रणनीतियों पर मुख्य रूप से चर्चा होने की संभावना है।
हाल ही में सितंबर के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों तथा बस्तर संभाग में हुई भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति के कारण फसलों को पहुंचे नुकसान और राहत कार्यों को बैठक के एजेंडे में प्रमुखता दी जा सकती है। जिलों से प्राप्त फसल क्षति आकलन रिपोर्ट के आधार पर सरकार प्रभावित किसानों को राहत राशि या मुआवजे से जुड़ा फैसला ले सकती है।
धान खरीदी की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान धान उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इससे पहले 24 सितंबर को हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में उपार्जन केंद्रों, बारदानों की उपलब्धता और कस्टम मिलिंग पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। किसानों की सुविधा के मद्देनजर इस बार 360 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं और लगभग 3.64 लाख नए जूट बारदानों के बंडलों का प्रबंध किया जा रहा है। कैबिनेट बैठक में धान खरीदी शुरू होने की तिथि और केंद्र की व्यवस्थाओं पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
कस्टम मिलिंग में तेजी लाने पर जोर
वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 89 लाख टन चावल जमा करने के लक्ष्य के मुकाबले 24 सितंबर तक 37.50 लाख टन चावल ही जमा हो सका है। शेष 51.50 लाख टन चावल जमा कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2027 तय की गई है। बैठक के दौरान कस्टम मिलिंग प्रक्रिया की गति बढ़ाने तथा आगामी धान खरीदी के साथ इसका बेहतर समन्वय बनाने पर विचार किया जाएगा।
बस किराए में संशोधन का प्रस्ताव
डीजल की बढ़ती कीमतों, रख-रखाव तथा अन्य परिचालन लागतों में वृद्धि का हवाला देते हुए बस ऑपरेटर एसोसिएशन लगातार किराया बढ़ाने की मांग कर रहा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग द्वारा तैयार किए गए बस किराया वृद्धि के प्रस्ताव पर कैबिनेट में विचार किया जा सकता है। प्रस्ताव में विभिन्न श्रेणियों की बसों और यात्रा दूरी के आधार पर दरों में संशोधन का प्रावधान शामिल है।
















