छत्तीसगढ़ सुरक्षा अभियान : बीजापुर में मुठभेड़ के दौरान दो नक्सली ढेर, दंतेवाड़ा में दो दोषियों को जेल

बीजापुर/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग मोर्चों पर बड़ी कामयाबी मिली है। जहाँ एक ओर बीजापुर में हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए, वहीं दूसरी ओर दंतेवाड़ा की एक अदालत ने दो सक्रिय नक्सलियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
बीजापुर: इंद्रावती नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई
गुरुवार सुबह बीजापुर जिले के इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।
सटीक सूचना पर कार्रवाई: पुलिस को इस क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी, जिसके बाद संयुक्त सुरक्षा दल ने तलाशी अभियान शुरू किया।
हथियारों की बरामदगी: पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से दो वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक और आधुनिक हथियार (जैसे SLR, INSAS और 12-बोर राइफल) जब्त किए गए हैं।
सर्च ऑपरेशन जारी: बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टालिंगम ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में अभी भी जवानों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
दंतेवाड़ा: विस्फोटक रखने वाले दो नक्सलियों को 5 साल की सजा
इसी बीच, दंतेवाड़ा से एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला सामने आया है। कोर्ट ने सुकमा जिले के रहने वाले दो नक्सलियों, हुंगा उर्फ गुट्टम सोडी और जोगा कुदामी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
विवरण,जानकारी
सजा,”5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹5,000 जुर्माना”
गिरफ्तारी तिथि,20 मई 2024
बरामद सामग्री,टिफिन बम और डेटोनेटर
अतिरिक्त दंड,जुर्माना न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त जेल
अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर पाया कि ये दोनों आरोपी विस्फोटक अधिनियम और छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम के तहत दोषी थे। इन्हें विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाना था।
















